सऊदी अरब और इंडोनेशिया ने पर्यटन क्षेत्र में अपने रिश्तों को और मजबूत करने का फैसला किया है। हाल ही में दोनों देशों के मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें यात्रा और निवेश को लेकर कई अहम बातें तय की गईं। अब उमराह और हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए पैसों का लेन-देन करना काफी आसान हो जाएगा।

अब सऊदी अरब में चलेगा QRIS पेमेंट सिस्टम

इंडोनेशिया अपना QR-आधारित पेमेंट सिस्टम QRIS अब सऊदी अरब और भारत में भी लागू करने जा रहा है। Bank Indonesia के गवर्नर Perry Warjiyo ने बताया कि इससे विदेशों में होने वाले पैसों के लेन-देन की प्रक्रिया सरल होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन इंडोनेशियाई यात्रियों को होगा जो उमराह और हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं। QRIS सिस्टम को 2019 में शुरू किया गया था, जो अलग-अलग डिजिटल वॉलेट और बैंकों को एक ही सिस्टम से जोड़ता है।

27 अरब डॉलर का निवेश और पर्यटन समझौता

दोनों देशों के बीच सहयोग काफी पुराना है। जुलाई 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto और सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman (MBS) ने 27 अरब डॉलर के निवेश समझौते पर साइन किए थे। इस बड़े समझौते में पर्यटन, डिजिटल इकोनॉमी, शिक्षा और लेबर मोबिलिटी जैसे क्षेत्र शामिल थे। इसके बाद नवंबर 2025 में एक और बैठक हुई थी जिसमें पर्यटन सहयोग को बढ़ाने और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी थी।

नौकरियों के अवसर और नए प्रोजेक्ट

सऊदी सरकार अपने बड़े पर्यटन प्रोजेक्ट्स, जैसे King Salman Park में इंडोनेशियाई प्रोफेशनल वर्कर्स के लिए मौके खोलने की योजना बना रही है। वहीं दूसरी तरफ, इंडोनेशिया भी अपने मुख्य पर्यटन केंद्रों जैसे Jakarta, Bali और Riau Islands में सऊदी निवेशकों के लिए रास्ते आसान करेगा।

पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी

सऊदी टूरिज्म अथॉरिटी (STA) ने साल 2023 में ही जकार्ता में अपना ऑफिस खोल लिया था। सऊदी अरब अब स्थानीय ट्रैवल एजेंटों और एयरलाइंस के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि इंडोनेशिया से लोग सिर्फ धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिए भी सऊदी अरब आएं। दोनों सरकारें अब संयुक्त पर्यटन प्रमोशन और प्रदर्शनियां आयोजित करेंगी ताकि यात्रा करना और आसान हो सके।