सऊदी अरब के मक्का में पुलिस ने दो इंडोनेशियाई प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन डालकर हज सेवाओं के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। सुरक्षा बलों ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ा और अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
हज के नाम पर कैसे चल रहा था यह फर्जी खेल?
इन आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके फर्जी और भ्रामक विज्ञापन पोस्ट किए थे। वे लोगों को यह कहकर गुमराह कर रहे थे कि वे उन्हें हज की सुविधाएं दिलाएंगे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान इनके पास से कई कंप्यूटर, नकली हज कार्ड, ब्रेसलेट, परमिट और फर्जी मुहरें बरामद की हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए किया जा रहा था। अब इन लोगों का मामला पब्लिक प्रोसिक्यूशन को सौंप दिया गया है।
सऊदी सरकार की चेतावनी और भारी जुर्माना
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि बिना कानूनी परमिट के हज करना अपराध है। नियम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 1 धुल-क़ादा से 14 धुल-हिज्जा के बीच बिना परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों में प्रवेश करता है, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं। हज के लिए केवल ‘नुसुक हज’ (Nusuk Hajj) प्लेटफॉर्म या अपने देश के आधिकारिक हज कार्यालय के माध्यम से ही आवेदन करें।
हाल के दिनों में हुई गिरफ्तारियों का ब्योरा
सऊदी पुलिस फर्जी कैंपेन चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है। 15 अप्रैल से 9 मई 2026 के बीच कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अलग-अलग देशों के लोग शामिल थे। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां 1 मई से 9 मई के बीच हुईं, जिसमें 15 लोगों को पकड़ा गया। सुरक्षा बलों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी गड़बड़ी की जानकारी मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 नंबर पर और अन्य क्षेत्रों में 999 पर दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज परमिट के बिना मक्का जाने पर कितना जुर्माना लगेगा?
सऊदी आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, बिना कानूनी परमिट के पवित्र स्थलों में प्रवेश करने या वहां रहने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
हज के लिए आवेदन करने का सही और आधिकारिक तरीका क्या है?
हज के लिए केवल ‘नुसुक हज’ (Nusuk Hajj) प्लेटफॉर्म या अपने देश के मान्यता प्राप्त आधिकारिक हज कार्यालय के माध्यम से वीज़ा प्राप्त करना ही एकमात्र कानूनी तरीका है।
