सऊदी अरब में मार्च 2026 के दौरान महंगाई दर बढ़कर 1.8% हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर घर के किराए, बिजली, पानी और ईंधन की कीमतों पर पड़ा है। सऊदी के जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) ने यह जानकारी जारी की है, जिससे अब वहां रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के मासिक खर्चों में बढ़ोतरी होगी।
किराया और बिजली-पानी के दाम क्यों बढ़े?
सऊदी अरब में मार्च के महीने में आवास, पानी, बिजली और ईंधन की कीमतों में 3.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास तौर पर घरों के किराए में 4.8% की वृद्धि हुई है, जिससे किराए पर रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बजट पर दबाव बढ़ेगा। बिजली और पानी के खर्चों में भी इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
किन अन्य चीजों के दाम बढ़े?
महंगाई का असर सिर्फ घर और बिजली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य सेवाओं में भी कीमतें बढ़ी हैं। GASTAT के आंकड़ों के हिसाब से विभिन्न क्षेत्रों में हुई बढ़ोतरी इस प्रकार है:
| क्षेत्र/सेवा | कीमतों में बढ़ोतरी |
|---|---|
| पर्सनल केयर और गहने | 8.2% |
| ट्रांसपोर्ट सेवाएं | 0.9% |
| होटल और रेस्टोरेंट | 2.2% |
| इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विस | 2.1% |
| मनोरंजन और खेल | 2% |
| शिक्षा सेवाएं | 1.4% |
| सूचना और संचार | 1% |
| खाद्य और पेय पदार्थ | 0.3% |
GASTAT और IMF का क्या कहना है?
सऊदी अरब की सांख्यिकी एजेंसी (GASTAT) ने अगस्त 2025 से डेटा इकट्ठा करने का नया तरीका अपनाया है, ताकि कीमतों की सटीक जानकारी मिल सके। यह डेटा 582 अलग-अलग सामानों और सेवाओं के आधार पर तैयार किया गया है। वहीं, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने पहले ही अनुमान लगाया था कि 2026 में सऊदी की सालाना महंगाई दर 2% के आसपास रहेगी।
