सऊदी अरब में अप्रैल महीने के दौरान महंगाई की दर 1.7 प्रतिशत तक पहुँच गई है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से घर के किराये और बिजली-पानी जैसे खर्चों की वजह से हुई है। इस खबर का सीधा असर वहाँ रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के महीने के बजट पर पड़ेगा।

घर का किराया और बिजली-पानी क्यों हुआ महंगा?

GASTAT की रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हाउसिंग, पानी, बिजली और गैस के दामों में हुई 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें सबसे ज्यादा असर घर के वास्तविक किराये पर पड़ा है, जिसमें 4.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो भारतीय या अन्य प्रवासी किराये के मकानों में रहते हैं, उनके लिए अब रहने का खर्च बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं के दामों का क्या हाल है?

घर के किराये के अलावा ट्रांसपोर्ट के खर्चों में भी 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सर्विस के दाम 5.2 प्रतिशत बढ़ गए हैं। साथ ही, होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने और रुकने की सेवाओं के खर्चों में भी 1 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। पर्सनल केयर और गहनों के सेक्टर में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें घड़ियाँ और जेवरात 20.8 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं।

खर्च का माध्यम बढ़ोतरी (सालाना)
कुल महंगाई दर (CPI) 1.7%
हाउसिंग, पानी, बिजली और गैस 3.8%
घर का वास्तविक किराया 4.8%
ट्रांसपोर्टेशन 1%
पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सर्विस 5.2%
रेस्टोरेंट और होटल सेवाएं 1%
जेवरात और घड़ियाँ 20.8%
थोक कीमतें (Wholesale Prices) 3.3%

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में अप्रैल 2026 की महंगाई दर कितनी रही?

GASTAT की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में वार्षिक महंगाई दर 1.7 प्रतिशत रही, जो मार्च के 1.8 प्रतिशत के मुकाबले कम है।

महंगाई बढ़ने का सबसे मुख्य कारण क्या है?

महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हाउसिंग सेक्टर है, जहाँ घर के किराये में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.