सऊदी अरब की सरकारी एजेंसी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) ने फरवरी 2026 के लिए महंगाई दर के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के अनुसार, फरवरी महीने में सालाना महंगाई दर 1.7 प्रतिशत दर्ज की गई है. महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से घर के किराए, पानी, बिजली, गैस और ईंधन जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने के कारण हुई है. आम आदमी और प्रवासियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.

महंगाई दर के मुख्य कारण क्या रहे

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए सबसे बड़ा खर्च उनका घर और बिजली-पानी का बिल होता है. फरवरी महीने की रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि हाउसिंग और यूटिलिटी सेक्टर में सबसे ज्यादा महंगाई देखी गई है. इसमें घर का किराया (Actual Housing Rents) एक बड़ा फैक्टर है जो लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है. इसके अलावा बिजली, गैस और अन्य ईंधन के दामों में भी उछाल देखा गया है. पिछले महीने जनवरी 2026 में महंगाई दर 1.8 प्रतिशत थी, जिससे तुलना करें तो फरवरी में हल्की सी राहत जरूर मिली है.

प्रवासियों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा

गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए घर का किराया उनकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा ले जाता है. जब हाउसिंग सेक्टर में महंगाई बढ़ती है, तो उनकी हर महीने की बचत पर सीधा असर पड़ता है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर यह डेटा निकाला गया है, जो बताता है कि आम परिवार जो सामान और सर्विस इस्तेमाल करता है, उसकी कीमतें किस तरह बदल रही हैं. 15 मार्च 2026 को जारी इस रिपोर्ट से साफ है कि आने वाले कुछ समय तक मकान का किराया और बिजली के खर्चे आम आदमी के बजट पर भारी पड़ सकते हैं.

Sushma Kumari

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