सऊदी अरब में इंश्योरेंस यानी बीमा क्लेम करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। सऊदी सरकार ने इंश्योरेंस से जुड़े विवादों और धोखाधड़ी के मामलों के निपटारे के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब आप अपनी मर्जी से कभी भी पुराना क्लेम नहीं ले सकेंगे। सरकार ने इसके लिए एक समय सीमा तय कर दी है जिसके बाद दावों पर कोई सुनवाई नहीं की जाएगी।

इंश्योरेंस क्लेम के लिए क्या है नया समय सीमा का नियम?

सऊदी अरब के नए नियमों के तहत, इंश्योरेंस विवाद निपटारा कमेटी अब उस तारीख से 5 साल बीत जाने के बाद किसी भी क्लेम की सुनवाई नहीं करेगी जब वह राशि देय (Due) हुई थी। यानी अगर आपका कोई बीमा क्लेम बनता है, तो आपको 5 साल के भीतर ही इसकी शिकायत दर्ज करानी होगी। हालांकि, यदि आपके पास देरी का कोई ऐसा मजबूत कारण है जिसे कमेटी स्वीकार कर ले, तो ही इस समय सीमा के बाद सुनवाई हो सकती है। इसके अलावा, समुद्री बीमा (Marine Insurance) के मामलों में यह समय सीमा और भी कम यानी केवल 2 साल रखी गई है।

कौन करेगा इन मामलों का निपटारा और क्या है पूरा सिस्टम?

सऊदी अरब में इन विवादों को सुलझाने की जिम्मेदारी इंश्योरेंस डिस्प्यूट्स कमेटी (IDC) की है। इस पूरे सिस्टम को समझने के लिए नीचे दी गई बातों पर ध्यान दें:

  • प्राइमरी कमेटी: इसमें तीन एक्सपर्ट शामिल होते हैं जिनमें कम से कम एक कानूनी सलाहकार होता है। यह कमेटी बीमा कंपनियों और ग्राहकों के बीच के विवादों पर फैसला देती है।
  • अपील कमेटी: अगर मामला 50,000 सऊदी रियाल (SAR) से कम का है और प्राइमरी कमेटी के फैसले से कोई संतुष्ट नहीं है, तो वह अपील कमेटी में जा सकता है।
  • इंश्योरेंस अथॉरिटी (IA): इस स्वतंत्र संस्था की स्थापना अगस्त 2023 में हुई थी, जिसने नवंबर 2023 से काम शुरू किया। अब यही संस्था सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) की जगह इंश्योरेंस सेक्टर की देखरेख करती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या 5 साल के बाद भी सऊदी अरब में इंश्योरेंस क्लेम मिल सकता है?

आमतौर पर 5 साल के बाद क्लेम की सुनवाई नहीं होगी। लेकिन अगर आपके पास देरी का कोई बेहद ठोस और जायज कारण है जिसे कमेटी स्वीकार कर लेती है, तो इस अवधि के बाद भी सुनवाई हो सकती है।

समुद्री बीमा (Marine Insurance) के लिए क्लेम करने की अवधि कितनी है?

समुद्री बीमा कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवादों के लिए क्लेम फाइल करने की अंतिम समय सीमा केवल 2 साल तय की गई है।