Saudi Arabia पर मंडरा रहा है खतरा, हुथी और इराकी मिलिशिया ने रची है बड़ी साजिश, सरकार ने दी चेतावनी

Nura Basta6 August 20262 min read63 viewsSaudi
Saudi Arabia पर मंडरा रहा है खतरा, हुथी और इराकी मिलिशिया ने रची है बड़ी साजिश, सरकार ने दी चेतावनी

सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और गंभीर जानकारी सामने आई है। हाल ही में जिम्मेदार सऊदी सूत्रों ने खुलासा किया है कि हुथी विद्रोहियों, इराक में सक्रिय मिलिशिया और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिलकर सऊदी अरब के खिलाफ एक बड़े हमले की योजना बनाई है। यह जानकारी सामने आने के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। राज्य अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

हमले की योजना और सऊदी सरकार का रुख

सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह हमला बेहद चौंकाने वाला है। जिस समय सऊदी अरब पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए काम कर रहा है, उस समय ऐसी साजिशें सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं। सऊदी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए सऊदी अरब अपनी सैन्य शक्ति का उपयोग करने में पीछे नहीं हटेगा।

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अगस्त के शुरुआती दिनों में बढ़ी गतिविधियां

पिछले कुछ दिनों में रेड सी और सऊदी अरब के आसपास का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा है। 5 अगस्त 2026 को हुथी मिलिशिया ने रेड सी में कई जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया, जिसमें Wafa और Daisy नाम के टैंकर शामिल हैं। इसके अलावा, UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी यमन के पास एक जहाज पर हमले और उसमें आग लगने की पुष्टि की है। 4 अगस्त 2026 को हुथी प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी अरब के Najran Airport पर हमले का दावा किया था, जो सुरक्षा की दृष्टि से काफी चिंताजनक है।

जुलाई के अंत से जारी है तनाव

सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने जुलाई के अंत से ही अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी थी। 29 जुलाई 2026 को सऊदी सशस्त्र बलों ने United States Central Command (CENTCOM) के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई उन ड्रोन्स के जवाब में की गई थी, जो सऊदी तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। 27 और 28 जुलाई 2026 को भी सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में कई ड्रोन हवा में ही नष्ट किए थे। सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि ये सभी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के दायरे में किए गए हैं। प्रवासी और स्थानीय निवासी इस स्थिति को लेकर सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सरकार की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

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