सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा प्रणाली (Air Defense) ने पिछले कुछ घंटों के दौरान पांच ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को जानकारी दी कि पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर भेजे गए इन ड्रोनों और मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। इस कार्रवाई में ड्रोन के साथ-साथ बैलिस्टिक मिसाइलों को भी तबाह किया गया है ताकि किसी भी तरह के नुकसान को टाला जा सके।
सऊदी अरब में पिछले 24 घंटों में क्या-क्या हुआ?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमवार को केवल 5 ही नहीं बल्कि कुल 15 ड्रोनों को मार गिराया गया है। इसके अलावा एक क्रूज मिसाइल और कई बैलिस्टिक मिसाइलों को भी निशाना बनाया गया जो सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से की तरफ आ रहे थे। मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस तरह के हमलों में तेजी आई है। नीचे दी गई टेबल में हाल के दिनों की जानकारी दी गई है।
| तारीख (मार्च 2026) | नष्ट किए गए ड्रोन की संख्या |
|---|---|
| 30 मार्च | 15 ड्रोन और मिसाइलें |
| 29 मार्च | 11 ड्रोन |
| 24 मार्च | 35 ड्रोन |
| 13 मार्च | 28 ड्रोन |
ड्रोन उड़ाने को लेकर सऊदी सरकार के क्या नियम हैं?
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने ड्रोनों के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाए हुए हैं ताकि हवाई सुरक्षा बनी रहे। अगर कोई भी ड्रोन 250 ग्राम या उससे ज्यादा वजन का है, तो उसका रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। सऊदी में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
- हर ड्रोन के लिए एक यूनिक पहचान नंबर होना चाहिए जिसे हर तीन साल में रिन्यू कराना होता है।
- कमर्शियल काम के लिए वैध रिमोट पायलट सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
- ड्रोन को केवल उन्हीं इलाकों में उड़ाया जा सकता है जिसकी सरकार ने मंजूरी दी है।
- बिना रजिस्ट्रेशन ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी माना जाता है।
इन हमलों के पीछे क्षेत्रीय तनाव को बड़ी वजह माना जा रहा है। सऊदी अरब ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं ताकि आम जनता को कोई खतरा न हो।
