सऊदी अरब ने मार गिराए 50 घातक ड्रोन, इजरायल ने तेहरान पर दागी मिसाइलें, खाड़ी में रहने वाले 90 लाख भारतीयों की बढ़ी चिंता
सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह सऊदी अरब के एयर डिफेंस ने 50 के करीब ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके साथ ही इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर 200 से अधिक ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इस माहौल के बीच गल्फ में काम करने वाले करीब 90 लाख भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
सऊदी अरब और इजरायल का बड़ा एक्शन
- सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार तड़के ईस्टर्न प्रोविंस, शेबाह ऑयल फील्ड और रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर की तरफ आ रहे ड्रोन को अल-खर्ज के पास नष्ट कर दिया गया।
- राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
- दूसरी तरफ इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने ईरान में मिसाइल लॉन्चर और हथियारों की फैक्ट्री समेत 200 से ज्यादा जगहों पर एयरस्ट्राइक किए हैं।
- ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई और शहर के कई इलाकों में भारी धुआं देखा गया।
अमेरिका और ईरान की आमने-सामने की चेतावनी
- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपने यहां अमेरिकी बेस ना बनने दें।
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से अपना कंट्रोल घोषित कर दिया है, जिससे अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर सख्त रोक लगा दी गई है।
- इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा है कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और आगे भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- इन सब के बीच यूएई ने भी फरवरी के अंत से अब तक 1500 से अधिक ड्रोन मार गिराए हैं।
खाड़ी में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर
- इस युद्ध के हालात के कारण गल्फ देशों के कई शहरों और इजरायल में इमरजेंसी सायरन बजने के बाद लोगों को शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए।
- होर्मुज रास्ते में जहाजों की आवाजाही रुकने से ग्लोबल सप्लाई चेन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
- खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय प्रवासी काम करते हैं, जिनके परिवार वाले इस खबर से काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
- फिलहाल सभी देशों में स्थिति नियंत्रण में है और प्रवासियों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।




