सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 18 मार्च 2026 को बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए अल-खर्ज प्रांत में एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है। यह कार्रवाई सऊदी एयर डिफेंस द्वारा देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए बड़े अभियान का हिस्सा थी।

सऊदी रक्षा बलों ने किन खतरों को रोका?

सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने इस दौरान कई मोर्चों पर कामयाबी हासिल की। रक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अल-खर्ज के अलावा रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर और पूर्वी प्रांत में भी ड्रोन देखे गए थे। सेना ने इन सभी खतरों को समय रहते पहचान लिया और उन्हें नष्ट कर दिया।

  • अल-खर्ज प्रांत की ओर आ रहे एक ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया।
  • एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी बीच हवा में ही नष्ट किया गया, जिसका मलबा प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास गिरा।
  • कुल मिलाकर अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग 15 से 21 ड्रोन मार गिराए गए।
  • पूर्वी प्रांत में एक गैस प्लांट की ओर बढ़ रहे ड्रोन को भी सुरक्षा बलों ने नाकाम किया।

क्या जान-माल का कोई नुकसान हुआ?

मंत्रालय ने साफ किया है कि इन सभी ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है। मिसाइल और ड्रोन का मलबा आबादी वाले इलाकों से दूर गिरा, जिससे बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। सिविल डिफेंस ने बाद में रियाद और अल-खर्ज के लिए खतरे के टलने की घोषणा की। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं।