13 जुलाई 2026 को सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। सऊदी एयर डिफेंस ने दक्षिण क्षेत्र की ओर निशाना बनाकर छोड़ी गई हूती मिलिशिया की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इस बात की पुष्टि की है कि ये मिसाइलें रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के लिए छोड़ी गई थीं। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की जानकारी नहीं मिली है।
तनाव के बीच बढ़ा संघर्ष
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यमन की सरकार ने सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया। सरकार का कहना है कि यह कदम ईरान से आने वाले उस विमान को रोकने के लिए उठाया गया, जो हूती विद्रोहियों के लिए ड्रोन और मिसाइल सिस्टम के एक्सपर्ट्स को ला रहा था। यमन की प्रेसिडेंशियल काउंसिल ने हूतियों को इस तनाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने की बात कही है।
हूती गुट ने दी धमकी
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी विमानों द्वारा किए गए हवाई हमलों को खुली आक्रामकता करार दिया है। हूती नेताओं ने इन हमलों को युद्ध विराम का उल्लंघन बताते हुए सऊदी अरब और अमेरिका को धमकी दी है। इस स्थिति के चलते 2022 से चल रहे संघर्ष विराम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हूती गुट लगातार सऊदी के हवाई अड्डों और जरूरी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियां दे रहे हैं।
