2 अप्रैल की सुबह सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में तनाव की स्थिति देखी गई। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उन्होंने ईरान की तरफ से दागे गए एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए की गई, जहां मिसाइल का मलबा गिरने की वजह से एक सड़क को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। फिलहाल सुरक्षा बल स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं।
सऊदी अरब और UAE की जवाबी कार्रवाई
सऊदी अरब के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अपनी वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान की ओर से आ रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों को सफलतापूर्वक रोका गया है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और कामगारों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि सुरक्षा कारणों से कुछ इलाकों में आवाजाही पर रोक लगी थी। बहरीन और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देशों ने भी पिछले 24 घंटों में इसी तरह के कई ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम करने का दावा किया है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों की पूरी जानकारी
पिछले दो दिनों में हुए इन हमलों का असर कई खाड़ी देशों में देखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| देश का नाम | हमले और कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| Saudi Arabia | 2 अप्रैल को एक ड्रोन और एक मिसाइल को नष्ट किया गया। |
| UAE | 35 ड्रोन और 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की पुष्टि हुई। |
| Bahrain | 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 19 ड्रोन मार गिराए गए। |
| Kuwait | ड्रोन हमलों ने एयरपोर्ट और फ्यूल टैंक को निशाना बनाने की कोशिश की। |
| Qatar | तीन क्रूज मिसाइलों द्वारा हमला किया गया, जिसमें एक तेल टैंकर प्रभावित हुआ। |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि ईरान पर आने वाले हफ्तों में कड़े सैन्य फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिरोध जारी रखेंगे। खाड़ी में मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
