Saudi Arabia ने हवा में ही मार गिराए ईरान के मिसाइल, मक्का-मदीना की सुरक्षा पर आया बड़ा अपडेट
सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 6 और 7 मार्च 2026 को सऊदी डिफेंस फोर्स ने रियाद और अल-खर्ज की तरफ दागे गए कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी मार गिराया गया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज हो रहा है, लेकिन सऊदी अरब अपने सुरक्षा तंत्र से इन हमलों को नाकाम कर रहा है।
सऊदी अरब कैसे करता है मिसाइल हमलों से बचाव?
सऊदी अरब के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं। इसमें अमेरिकी Patriot मिसाइलें और THAAD सिस्टम शामिल हैं जो हवा में ही दुश्मन की मिसाइल को खत्म कर देते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में सऊदी अरब का मिसाइल इंटरसेप्शन रेट 85 से 90 प्रतिशत रहा है।
हाल ही में अमेरिका ने सऊदी अरब को 730 नए Patriot PAC-3 MSE मिसाइल देने की मंजूरी भी दी है, जिसकी कीमत लगभग 9 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा सऊदी अरब ने दक्षिण कोरियाई KM-SAM Block II सिस्टम को भी अपनी सुरक्षा में शामिल किया है।
मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर क्या है तैयारी?
इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर मक्का और मदीना पूरी तरह से नो-फ्लाई जोन हैं। यहां की सुरक्षा के लिए कई लेयर वाला डिफेंस सिस्टम लगा हुआ है। पिछले साल 11 सितंबर 2025 को मदीना में मस्जिद अल-नबावी के पास एक बिना इजाजत वाले ड्रोन को मार गिराया गया था।
हालांकि उस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां तब से और ज्यादा सतर्क हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन पवित्र स्थलों पर सीधा हमला करना किसी भी देश के लिए बहुत मुश्किल है क्योंकि इससे पूरी दुनिया के मुसलमानों में गुस्सा भड़क सकता है जो ईरान के लिए भी नुकसानदेह होगा।
अभी के ताज़ा हालात और नुकसान की जानकारी
ताज़ा संघर्ष में 3 मार्च को रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास दो ड्रोन गिरे थे जिससे मामूली आग लग गई थी। वहीं अरामको की कुछ फैसिलिटी पर भी गिरने वाले मलबे से हल्का नुकसान हुआ है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने कहा है कि सेना देश की सुरक्षा और पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।





