सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने 18 मार्च 2026 को देश के पूर्वी क्षेत्र और रियाद सहित कई इलाकों को निशाना बनाकर दागे गए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों से कोई बड़ा जानी-मानी नुकसान नहीं हुआ है। यह घटना खाड़ी क्षेत्र में हाल के हफ्तों से चल रही सुरक्षा चुनौतियों का हिस्सा है जिससे स्थानीय लोगों और प्रवासियों में चिंता बनी हुई है।

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मिसाइल और ड्रोन हमलों का विवरण

सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki Al-Malki ने इन सफल इंटरसेप्शन की जानकारी दी है। हमलों का मुख्य निशाना पूर्वी क्षेत्र और रणनीतिक ठिकाने थे। बचाव अभियान के दौरान हुई मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • पूर्वी क्षेत्र की ओर भेजे गए 6 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया
  • Al-Kharj गवर्नर को निशाना बनाने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया गया
  • मिसाइल का मलबा Prince Sultan Air Base के पास गिरा जहां सऊदी और अमेरिकी सैनिक तैनात हैं
  • रियाद के ऊपर भी 13 से अधिक ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने की रिपोर्ट मिली है

क्षेत्रीय तनाव और प्रवासियों पर प्रभाव

18 मार्च को हुई यह कार्रवाई केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं थी क्योंकि कुवैत, UAE और कतर ने भी अपने हवाई क्षेत्र में खतरों को रोकने की बात कही है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तरह के तनाव से अक्सर सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाते हैं। हमलों की निंदा करते हुए अरब संसद ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। रियाद में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई है ताकि भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की जा सके।