सऊदी अरब के Interior Ministry ने सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जो देश की एकता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली बातें फैला रहे थे। मंत्रालय ने साफ कहा है कि समाज में फूट डालने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर किन बातों पर होगी कार्रवाई
Ministry of Interior ने बताया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नज़र रख रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति ऐसी बातें साझा करता है जिससे राष्ट्रीय एकता या सामाजिक शांति प्रभावित होती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें खासतौर पर कबीलाई झगड़ों (tribal division) को बढ़ावा देने वाली पोस्ट शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील मुद्दों का गलत फायदा उठाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
किन कानूनों के तहत होगी सजा
सऊदी सरकार इस कार्रवाई के लिए कई कड़े कानूनों का इस्तेमाल कर रही है। मुख्य कानून इस प्रकार हैं:
- Anti-Cyber Crime Law: इसके तहत गलत जानकारी फैलाने या डेटा लीक करने पर 4 साल तक की जेल और 50 लाख रियाल (करीब 1.33 मिलियन डॉलर) तक का जुर्माना लग सकता है।
- Anti-Terrorism Law: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी काम को इस कानून के तहत देखा जाएगा।
- Press and Publications Law: इसके अनुसार ब्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए सरकारी लाइसेंस होना जरूरी है।
- Basic Law of Governance: इसका आर्टिकल 39 राज्य की सुरक्षा और एकता को नुकसान पहुंचाने वाले मीडिया कार्यों को रोकता है।
प्रवासियों और आम लोगों के लिए जरूरी बातें
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करें। देश की आंतरिक शांति और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी करने से बचें। Ministry of Interior के साथ-साथ National Cybersecurity Authority (NCA) और Communications, Space & Technology Commission (CST) जैसी संस्थाएं भी डिजिटल कंटेंट की निगरानी करती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए कोई नियम है?
हाँ, Press and Publications Law के तहत सभी ऑनलाइन पब्लिशर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए सरकारी लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
साइबर अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?
Anti-Cyber Crime Law के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना 50 लाख रियाल (SAR 5 million) तक हो सकता है और जेल की सजा भी मिल सकती है।