सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। इसके तहत अब एक साल का मल्टीपल-एंट्री उमराह वीज़ा दिया जा रहा है, जो 20 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। यह नया नियम भारत सहित खाड़ी देशों, यूके, यूएस और कनाडा में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए काफी मददगार साबित होगा। इस वीज़ा की वैधता 365 दिनों की है, जिसके दौरान यात्री कई बार सऊदी अरब आ सकते हैं।
वीज़ा से जुड़े मुख्य नियम
इस वीज़ा पर आने वाले तीर्थयात्री कुल मिलाकर 90 दिनों तक सऊदी अरब में रह सकते हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि हज के दौरान, यानी जुल कादा के पहले दिन से लेकर जुल हिज्जा के 13वें दिन तक यह वीज़ा काम नहीं करेगा, क्योंकि हज के लिए अलग से वीज़ा लेना होता है।
भारतीय तीर्थयात्री सीधे Nusuk प्लेटफॉर्म पर आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सऊदी अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंसियों की मदद लेनी होगी। यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेज़ों में शामिल हैं:
- कम से कम 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट।
- मक्का और मदीना में पहले से बुक किया गया होटल।
- कन्फर्म राउंड-ट्रिप फ्लाइट और परिवहन की व्यवस्था।
- Nusuk ऐप के जरिए उमराह परमिट लेना अनिवार्य है।
इस सुविधा का अनुमानित खर्च करीब ₹12,500 प्रति व्यक्ति है। बेंगलुरु स्थित मरहबा हाजी जैसे कई संस्थान भी तीर्थयात्रियों को इन नए नियमों को समझने में मदद कर रहे हैं। यह कदम सऊदी अरब के विज़न 2030 के तहत यात्रा को और आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
