सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए तेज़ी से काम कर रहा है। General Authority for Statistics (GASTAT) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक देश की जीडीपी में निवेश का योगदान 30% तक पहुँच गया है। Ministry of Investment ने इन आंकड़ों को जारी कर बताया है कि सऊदी अरब अब दुनिया के लिए एक बड़ा इन्वेस्टमेंट हब बन रहा है।
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सऊदी अरब में विदेशी निवेश और जीडीपी के नए आंकड़े क्या हैं?
सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति में पिछले कुछ सालों में बड़ा बदलाव आया है। 2017 के मुकाबले 2025 तक देश की कुल जीडीपी 2.7 ट्रिलियन रियाल से बढ़कर 4.8 ट्रिलियन रियाल हो गई है। वहीं, विदेशी निवेश (FDI) के मामले में भी बड़ी छलांग लगी है। 2017 में जहाँ विदेशी निवेश 28 बिलियन रियाल था, वह 2025 में बढ़कर 133 बिलियन रियाल हो गया है। Saudi Central Bank (SAMA) के अनुसार, 2025 के अंत तक कुल FDI स्टॉक 3.32 ट्रिलियन रियाल तक पहुँच गया है।
| विवरण (Indicator) | 2017 का आंकड़ा | 2025 का आंकड़ा |
|---|---|---|
| कुल जीडीपी (GDP) | 2.7 ट्रिलियन रियाल | 4.8 ट्रिलियन रियाल |
| विदेशी निवेश प्रवाह (FDI Inflows) | 28 बिलियन रियाल | 133 बिलियन रियाल |
| FDI स्टॉक (FDI Stock) | – | 3.32 ट्रिलियन रियाल |
| कैपिटल फॉर्मेशन (Fixed Capital Formation) | 672 बिलियन रियाल | 1.442 ट्रिलियन रियाल |
| गैर-तेल जीडीपी हिस्सेदारी | – | 55% |
| प्राइवेट सेक्टर की जीडीपी हिस्सेदारी | 44% | 51% |
| विज़न 2030 लक्ष्य (KPIs) | – | 93% पूरे |
Vision 2030 और प्राइवेट सेक्टर का क्या हाल है?
सऊदी विज़न 2030 अब अपने आखिरी चरण में पहुँच गया है और इसके 93% लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। अब देश की अर्थव्यवस्था केवल तेल पर निर्भर नहीं है, बल्कि गैर-तेल गतिविधियों का योगदान बढ़कर 55% हो गया है। प्राइवेट सेक्टर की भूमिका भी बढ़ी है और जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी अब 51% हो गई है, जिसकी कुल कीमत 660.5 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा, फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी के गैर-तेल निर्यात में भी 15.1% की बढ़ोतरी हुई है।