सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निवेश के नियमों में बड़े बदलाव कर रहा है। सरकार ने National Investment Committee को और ज़्यादा ताकत दी है ताकि निवेश के रास्ते में आने वाली मुश्किलों को दूर किया जा सके। इस कदम का मकसद देश में बिजनेस करने के माहौल को आसान बनाना और विदेशी कंपनियों को आकर्षित करना है।
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निवेश को बढ़ावा देने के लिए नए कदम
Council of Economic and Development Affairs (CEDA) को आर्थिक नीतियों और Vision 2030 को लागू करने के लिए बड़ी शक्तियां दी गई हैं। इसके तहत National Incentives Committee (NIC) बनाई गई है जो निवेश परियोजनाओं के लिए वित्तीय और अन्य लाभ देगी। इसमें टैक्स में छूट, सरकारी सब्सिडी और सरकारी फीस में कटौती जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
नया निवेश कानून और उसके फायदे
सऊदी अरब में एक नया Investment Law लागू हुआ है जो 12 फरवरी 2025 से प्रभावी हो गया है। इस कानून के जरिए अब विदेशी और घरेलू निवेशकों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा। अब निवेशकों को पुराने लाइसेंस सिस्टम के बजाय Ministry of Investment (MISA) के जरिए एक सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- समान अधिकार: विदेशी और स्थानीय निवेशकों को एक समान मौके दिए गए हैं।
- आसान रजिस्ट्रेशन: MISA के नए नेशनल रजिस्टर के जरिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
- सुरक्षा: निवेशकों की संपत्ति और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) की सुरक्षा की गारंटी दी गई है और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
सुरक्षा और शेयर बाजार के नियम
सुरक्षा के लिहाज से Permanent Ministerial Committee for Examining Foreign Investments (CEFI) विदेशी निवेशों की जांच करेगी ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा न हो। इसके अलावा, Capital Market Authority (CMA) ने 1 फरवरी 2026 से शेयरों में निवेश के नियमों को सरल कर दिया है, जिससे अब विदेशी निवेशक सीधे Tadawul मार्केट में शेयर खरीद सकेंगे।
| लक्ष्य और विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश लक्ष्य (2030 तक) | 12.4 ट्रिलियन SAR |
| FDI लक्ष्य (सालाना) | 100 बिलियन USD |
| प्राइवेट सेक्टर योगदान लक्ष्य | GDP का 65% |
| FDI योगदान लक्ष्य | GDP का 5.7% |
