पाकिस्तान ने सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की आधिकारिक तौर पर कड़ी निंदा की है। 7 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों को पाकिस्तान ने एक खतरनाक कदम बताया है जिससे क्षेत्र में शांति की कोशिशों को भारी नुकसान पहुँच सकता है। पाकिस्तान का कहना है कि यह हमला सऊदी अरब की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है और इससे पूरे इलाके की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। यह घटना उस समय हुई जब पाकिस्तान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता कर रहा था।

सऊदी अरब में हमले के बाद क्या है ताज़ा हालात?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 7 अप्रैल 2026 को ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। इन मिसाइलों का मलबा देश के पूर्वी क्षेत्र में जुबैल के पास एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और अन्य ऊर्जा केंद्रों के पास गिरा है। सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि वे हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे। एहतियात के तौर पर सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉजवे को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा ताकि आम लोगों को किसी खतरे से बचाया जा सके।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान की शर्तें

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा है कि ये हमले उस समय हुए जब उनकी टीम अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम कराने के लिए काफी संवेदनशील मोड़ पर काम कर रही थी। पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपने अटूट समर्थन को फिर से दोहराया है। दूसरी ओर, ईरान ने शांति वार्ता के लिए अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं जिनमें हमलों को तुरंत रोकना और नुकसान की भरपाई शामिल है। अमेरिका ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां:

तारीख घटना असर
7 अप्रैल 2026 ईरान का मिसाइल हमला सऊदी एयर डिफेंस ने मिसाइलें गिराईं
7 अप्रैल 2026 किंग फहद कॉजवे सुरक्षा के कारण अस्थायी रूप से बंद
7 अप्रैल 2026 पाकिस्तान का बयान हमले की कड़ी निंदा और सऊदी का समर्थन
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.