गल्फ देशों के संगठन GCC के महासचिव जसिम अल-बुदैवी ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने रियाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ईरान ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं और उसकी लगभग 85 प्रतिशत मिसाइलें सीधे तौर पर खाड़ी देशों को निशाना बना रही हैं। अल-बुदैवी ने साफ किया कि खाड़ी देश अब तक बहुत संयम बरत रहे थे ताकि इलाके में तनाव न बढ़े, लेकिन अब अपने बचाव के लिए सभी जरूरी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर देश को अपनी सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है।

ईरान पर लगे गंभीर आरोप और ताज़ा हालात

महासचिव जसिम अल-बुदैवी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से ईरान पर यह आरोप भी लगाया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षित निकलने के बदले पैसे वसूल रहा है। यह समुद्री रास्ता व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वहां इस तरह की वसूली अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। ईरान की इन हरकतों से न केवल क्षेत्र की शांति को खतरा है, बल्कि दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा यानी तेल की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ सकता है। GCC ने साफ किया है कि वे इस विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते लेकिन अपनी जमीन और लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।

पिछले कुछ दिनों में हुई बड़ी घटनाएं और हमले

मार्च के महीने में ईरान की तरफ से कई बार उकसावे वाली कार्रवाई की गई है। इन हमलों में सऊदी अरब और यूएई के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। खाड़ी देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वे ईरान को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। नीचे दी गई टेबल में हाल ही के घटनाक्रमों की जानकारी दी गई है।

तारीख मुख्य घटना
26 मार्च 2026 महासचिव ने बताया कि 85% ईरानी मिसाइलों का रुख GCC की ओर है
23 मार्च 2026 यूरोपीय संघ के साथ बैठक में ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की गई
17 मार्च 2026 UAE में हुए हमले में एक व्यक्ति की जान गई और संपत्ति को नुकसान हुआ
9 मार्च 2026 सऊदी के अल-खर्ज में हमले से 2 लोगों की मौत और 12 घायल हुए
4 मार्च 2026 GCC और यूरोपीय संघ के मंत्रियों ने इमरजेंसी मीटिंग की

खाड़ी देशों की अगली रणनीति और सुरक्षा नियम

सऊदी अरब सहित सभी छह खाड़ी देश अब अपनी सुरक्षा को लेकर एकजुट हो गए हैं। जसिम अल-बुदैवी ने स्पष्ट किया कि GCC देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने की मांग कर रहे हैं ताकि ईरान अपनी हरकतों को तुरंत रोक दे। खाड़ी देशों की नीति हमेशा से दूसरों के आंतरिक मामलों में दखल न देने और शांति बनाए रखने की रही है। हालांकि, मौजूदा हमलों को देखते हुए अब कूटनीति के साथ-साथ बचाव के अन्य रास्तों को भी खुला रखा गया है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जा रहा है।