सऊदी अरब ने दुनिया के सामने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी चिंता जताई है। सऊदी सरकार का कहना है कि परमाणु हथियारों को रोकने वाली संधि (NPT) का पूरी तरह पालन होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ पूरी ईमानदारी से काम करना होगा ताकि यह पता चल सके कि उसका प्रोग्राम शांतिपूर्ण है।
सऊदी अरब ने ईरान से क्या मांग की है?
सऊदी अरब चाहता है कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि (NPT) के तीनों मुख्य स्तंभों के बीच संतुलन बना रहे। सऊदी सरकार का मानना है कि ईरान को IAEA के साथ पूरा सहयोग करना चाहिए। इससे दुनिया को यकीन होगा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि क्षेत्र में परमाणु हथियारों की दौड़ को रोकना बहुत जरूरी है और इसके लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहिए।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम में क्या समस्या है?
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास काफी मात्रा में यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत तक शुद्ध किया गया है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के काफी करीब है और IAEA का कहना है कि इसका कोई नागरिक उपयोग नहीं है। इसके अलावा, ईरान ने कई परमाणु केंद्रों पर IAEA के निरीक्षकों को जाने से रोका है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डर है कि मिडिल ईस्ट में देशों के बीच परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है।
IAEA और ईरान के बीच क्या विवाद चल रहा है?
- IAEA के डायरेक्टर जनरल ने बताया कि ईरान ने कुछ केंद्रों तक पहुंच दी है लेकिन कई प्रभावित केंद्रों की जानकारी नहीं दी।
- ईरान ने पिछले आठ महीनों से अपने यूरेनियम के भंडार की सही रिपोर्ट नहीं दी है।
- ऐसी संभावना है कि IAEA का बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ईरान के इस व्यवहार के कारण उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) को रिपोर्ट कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Saudi Arabia ने NPT के बारे में क्या कहा?
सऊदी अरब ने कहा कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि (NPT) का पूरी तरह से पालन होना चाहिए और इसके तीनों स्तंभों में संतुलन होना जरूरी है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर IAEA क्यों चिंतित है?
IAEA इसलिए चिंतित है क्योंकि ईरान ने यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक शुद्ध कर लिया है और कई केंद्रों पर निरीक्षकों को जाने की अनुमति नहीं दी है।