मक्का में ईरानी हाजियों का स्वागत बहुत ही शानदार तरीके से किया गया है। सऊदी अरब पहुंचने पर उनका स्वागत गुलाब के फूलों से किया गया ताकि उन्हें खुशनुमा महसूस हो। सऊदी सरकार ने अब तक हजारों ईरानी नागरिकों को हज के लिए वीजा जारी कर दिए हैं और उनकी सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया है।

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ईरानी हाजियों के आने का ताज़ा अपडेट क्या है?

सऊदी अरब और ईरान के बीच तालमेल के बाद हाजियों का आना शुरू हो गया है। इस बार की व्यवस्था को लेकर कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरानी हाजियों के पहले ग्रुप 25 अप्रैल 2026 को मदीना पहुंचे थे।
  • 2 मई 2026 तक 6,500 से ज्यादा ईरानी हाजी मदीना पहुंच चुके थे।
  • 6 मई 2026 तक करीब 40 प्रतिशत हाजी सऊदी अरब में प्रवेश कर चुके हैं और कुल 29,326 हज वीजा जारी किए गए हैं।
  • साल 2026 का हज मई के आखिरी हफ्ते से शुरू होने वाला है।

बिना परमिट हज करने वालों के लिए क्या सख्त नियम हैं?

सऊदी सरकार ने भीड़ को कंट्रोल करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बहुत कड़े नियम लागू किए हैं। 5 मई 2026 से ये नियम प्रभावी हो चुके हैं, जो हर किसी के लिए जानना जरूरी है:

  • बिना आधिकारिक परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • नियम तोड़ने वालों को देश से डिपोर्ट किया जाएगा और विदेशी निवासियों पर 10 साल तक दोबारा सऊदी आने पर पाबंदी रहेगी।
  • मक्का में प्रवेश के लिए वैध हज परमिट होना अनिवार्य है। यह नियम धुल-किदा की पहली तारीख से धुल-हिज्जा की 14 तारीख तक लागू रहेगा।
  • भीड़ को मैनेज करने के लिए नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।
  • सभी हाजियों को नुसुक कार्ड (Nusuk Card) साथ रखना होगा, क्योंकि मक्का, मदीना, मीना, अराफात और मुजदलिफा जैसी जगहों पर जाने के लिए यह पहचान पत्र जरूरी है।

अधिकारियों ने इस बार की तैयारियों पर क्या कहा?

सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने कहा कि वे अल्लाह के मेहमानों का पूरे सम्मान के साथ इंतजार कर रहे हैं। सऊदी हज मंत्री तौफीक अल राबियह ने बताया कि सारी तैयारियां विजन 2030 के मुताबिक की गई हैं ताकि हाजियों की सुरक्षा और भीड़ का सही मैनेजमेंट हो सके। वहीं ईरान के राजदूत अलीरेजा एनायती ने पुष्टि की कि ईरानी हाजी सऊदी नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी सुरक्षा और ऑपरेशनल प्लान को पूरी तरह लागू करने के आदेश दिए हैं ताकि हज का सफर आसान रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना हज परमिट के सऊदी अरब में हज करने पर क्या जुर्माना लगेगा?

बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा और 10 साल के लिए सऊदी अरब आने पर बैन लगा दिया जाएगा।

नुसुक कार्ड (Nusuk Card) क्यों जरूरी है?

नुसुक कार्ड एक अनिवार्य पहचान पत्र है। इसके बिना हाजी मक्का, मदीना, मीना और अराफात जैसे पवित्र स्थलों पर नहीं जा सकेंगे और न ही वहां की सेवाओं का लाभ ले पाएंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com