सऊदी अरब की कैबिनेट ने 14 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इराक के साथ हुए एक महत्वपूर्ण समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते के तहत इराक ने यह पक्का किया है कि वह अपनी ज़मीन या आसमान का इस्तेमाल सऊदी अरब या खाड़ी देशों के खिलाफ किसी भी तरह के हमले के लिए नहीं होने देगा। यह फैसला 12 जुलाई 2026 को रियाद में हुई दोनों देशों के बड़े अधिकारियों की बैठक के बाद लिया गया है।

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समझौते का मुख्य उद्देश्य

इस उच्च स्तरीय बैठक में इराक के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर Dr. Fuad Hussein ने सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud से मुलाकात की। इराक ने साफ तौर पर कहा है कि वे अपनी धरती का उपयोग किसी भी देश की शांति और सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के लिए नहीं करने देंगे। इस मीटिंग में इराकी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Qasim al-Aboudi और नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस के चीफ Hamid al-Shatri भी मौजूद थे।

दोनों देशों ने एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। इस बातचीत का मकसद न केवल सऊदी अरब की सुरक्षा को पुख्ता करना है, बल्कि इराक में शांति बनाए रखने के लिए वहां के सरकारी संस्थानों को मजबूत करना भी है। दोनों देशों ने आपसी समन्वय बढ़ाने का फैसला लिया है ताकि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.