सऊदी अरब ने इराक की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। सऊदी न्यूज के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि किंगडम ऐसी किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करेगा जो पड़ोसी देश इराक की शांति में खलल डालती हो। यह बयान 29 मार्च 2026 को जारी किया गया है। यह क्षेत्र में चल रही सुरक्षा संबंधी बातचीत के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

खाड़ी देशों ने इराक से किन हमलों को रोकने की मांग की है?

सऊदी अरब के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया था। इन देशों ने मांग की है कि इराक अपनी सीमा के अंदर से होने वाले हमलों को तुरंत बंद कराए। आधिकारिक जानकारी के अनुसार:

  • ये हमले इराक में मौजूद सशस्त्र समूहों द्वारा किए जा रहे हैं।
  • खाड़ी देशों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करने पर जोर दिया गया है।
  • प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि ईरान और उसके समर्थक गुट किसी भी पड़ोसी देश पर हमले न करें।

इराक सरकार ने सुरक्षा चुनौतियों पर क्या जवाब दिया है?

इराक के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि वह खाड़ी देशों और जॉर्डन के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता का विरोध करता है। इराक ने कहा है कि अरब देशों की सुरक्षा उसकी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और वह अपनी जमीन को किसी दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा। इराक सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह अपने संविधान के अनुसार सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। यह पूरा घटनाक्रम इस क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थिरता होने से व्यापार और यात्रा सुरक्षित रहती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.