सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने ड्रग तस्करी के मामले में कई इराकी नागरिकों को मौत की सजा सुनाई है। इन लोगों को उत्तरी सीमा क्षेत्र और अरार बॉर्डर के रास्ते नशीले पदार्थ लाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में ड्रग्स के खिलाफ उनकी नीति बहुत सख्त है और इसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी।

मौत की सजा की पूरी प्रक्रिया क्या रही?

गृह मंत्रालय के अनुसार, इन आरोपियों को पहले विशेष अदालतों ने दोषी पाया था। इसके बाद उनके खिलाफ दिए गए फैसलों को अपील अदालत और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। अंत में शाही आदेश के तहत इन सभी की सजा को लागू किया गया। सऊदी अरब में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए बहुत कड़े कानून हैं और विदेशी नागरिकों को भी इसमें बख्शा नहीं जाता। यह सजा इस्लामी कानून के अनुरूप दी गई है ताकि लोगों को नशे के जाल से बचाया जा सके।

2025 में मौत की सजा के आंकड़े क्या कहते हैं?

साल 2025 सऊदी अरब के इतिहास में मृत्युदंड के मामले में सबसे बड़ा आंकड़ा बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अब तक कुल 340 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। ब्रिटेन के कैंपेन ग्रुप रिप्रीव के अनुसार, फांसी दिए गए लोगों में से दो-तिहाई ड्रग्स तस्करी से जुड़े थे। सऊदी अरब ने साल 2021 में ड्रग्स मामलों में फांसी पर लगी अनौपचारिक रोक को हटा लिया था, जिसके बाद से ऐसे मामलों में सजा की संख्या तेजी से बढ़ी है।

बॉर्डर पर सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?

सऊदी सीमा शुल्क अधिकारियों ने अल हदीथा बॉर्डर और असिर क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी के कई बड़े प्रयासों को नाकाम किया है। यहाँ कैप्टागन जैसी गोलियां और अन्य नशीले पदार्थ बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। सितंबर 2025 में अरार बॉर्डर क्रॉसिंग को 24 घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद करना पड़ा था क्योंकि उमराह तीर्थयात्रियों को ले जाने वाली बसों में ड्रग्स और शराब छिपाई गई थी। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या विदेशियों को भी सऊदी अरब में ड्रग्स तस्करी के लिए फांसी हो सकती है?

हाँ, सऊदी अरब के कानूनों के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसमें दोषी पाए गए विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दी जाती है।

साल 2025 में सऊदी अरब में अब तक कितने लोगों को मौत की सजा मिली है?

साल 2025 में अब तक कुल 340 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा ड्रग्स तस्करी के दोषियों का है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com