सऊदी अरब ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण के बिना इसराइल के साथ किसी भी तरह के संबंधों को सामान्य नहीं करेगा। रियाद के एक आधिकारिक सूत्र ने सीएनएन और अल अरबिया इंग्लिश को बताया कि सऊदी अरब का रुख इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह बयान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग के तुरंत बाद आया है जिसमें उन्होंने खाड़ी देशों को तुरंत अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए कहा था।

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सऊदी अरब ने इसराइल के साथ संबंधों को लेकर क्या शर्त रखी है?

सऊदी अरब के एक आधिकारिक सूत्र ने मीडिया को जानकारी दी है कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का स्पष्ट और पक्का रास्ता नहीं बनता, तब तक इसराइल के साथ कोई समझौता नहीं होगा। रियाद का मानना है कि मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता तभी आ सकती है जब फिलिस्तीन के लोगों को उनके वैध अधिकार मिलें। किसी भी संभावित समझौते में दो-राज्य समाधान की पूरी गारंटी होनी चाहिए। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने नवंबर 2025 में भी ट्रंप के साथ मुलाकात में यही बात कही थी कि वह समझौते का हिस्सा बनना चाहते हैं लेकिन फिलिस्तीन का मुद्दा सबसे पहले सुलझना चाहिए।

ट्रंप की मांग और सऊदी अरब का इस पर क्या रुख है?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 मई 2026 को सऊदी अरब, कतर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों से अपील की थी कि वे तुरंत अब्राहम समझौते में शामिल हों। ट्रंप ने इसे ईरान के साथ किसी भी अमेरिकी समझौते के लिए एक अनिवार्य शर्त बताया था। सऊदी अरब ने इस मांग के तुरंत बाद अपनी पुरानी शर्त को दोहराकर स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलिस्तीन के मुद्दे से पीछे नहीं हटेगा। वाशिंगटन के अरब गल्फ स्टेट्स इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ अन्ना जैकब्स का कहना है कि ट्रंप की हालिया मांगों ने खाड़ी देशों के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं, लेकिन ये देश इस समय बिना ठोस गारंटी के संबंध सामान्य करने के लिए तैयार नहीं हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने इसराइल से संबंधों को सामान्य करने के लिए क्या मुख्य शर्त रखी है?

सऊदी अरब ने साफ किया है कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य के निर्माण का एक स्पष्ट और निश्चित रास्ता नहीं बनता, तब तक इसराइल के साथ कोई समझौता या संबंध सामान्य नहीं किए जाएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या मांग की थी?

डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम बहुल देशों से तुरंत अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी, जिसे ईरान के साथ किसी भी अमेरिकी समझौते की शर्त बताया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.