सऊदी अरब ने एक बार फिर इसराइल के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने को लेकर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। एक आधिकारिक सऊदी सूत्र ने 25 मई 2026 को पुष्टि की है कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक सऊदी अरब इसराइल के साथ किसी भी तरह के सामान्य संबंध स्थापित नहीं करेगा। सऊदी अरब का यह बयान अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने मुस्लिम देशों को अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए कहा था।

सऊदी अरब ने इसराइल के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि इसराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने के लिए फिलिस्तीन राज्य के निर्माण का एक मजबूत और तय रास्ता होना अनिवार्य शर्त है।

  • फिलिस्तीन राज्य की स्थापना: सऊदी अरब की मुख्य शर्त है कि फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश का दर्जा दिया जाए।
  • टू-स्टेट सॉल्यूशन: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी पहले स्पष्ट किया था कि दो-राज्य समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए बिना कोई बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।
  • अपरिवर्तनीय रास्ता: सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ठोस और अपरिवर्तनीय होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस पर कोई बदलाव न किया जा सके।

इसराइल के साथ बातचीत पर अभी क्यों लगी है रोक?

सऊदी अरब और इसराइल के बीच सामान्यीकरण की कोशिशें फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही हैं। रियाद ने इस मामले में काफी सतर्कता भरा रुख अपनाया हुआ है। इसकी मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • इसराइल के संसदीय चुनाव: इसराइल में पतझड़ 2026 में संसदीय चुनाव होने वाले हैं, जिसके बाद ही कोई नई रणनीतिक चर्चा संभव हो पाएगी।
  • क्षेत्रीय तनाव: ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य ऑपरेशनों और क्षेत्र में सुरक्षा के बदलते हालातों के कारण सऊदी अरब जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहता।
  • घरेलू और खाड़ी देशों का रुख: खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और सऊदी अरब के भीतर इस मुद्दे को लेकर काफी संवेदनशीलता है, इसलिए सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने इसराइल से संबंधों को लेकर क्या नई शर्त रखी है?

सऊदी अरब ने साफ किया है कि जब तक फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित करने का ठोस रास्ता नहीं बनता, तब तक वह इसराइल के साथ किसी भी समझौते पर विचार नहीं करेगा।

इसराइल के साथ बातचीत में देरी का मुख्य कारण क्या है?

इसराइल में पतझड़ 2026 में होने वाले संसदीय चुनाव और ईरान के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण सऊदी अरब ने बातचीत को फिलहाल रोक कर रखा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com