सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि के डिप्टी मिनिस्टर Dr. Abdulaziz Al-Shibani ने इस्तांबुल में आयोजित 5वें इंटरनेशनल वॉटर फोरम में हिस्सा लिया। उन्होंने दुनिया के सामने पानी की बढ़ती चुनौतियों पर बात की और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की मांग की। उनका कहना था कि पानी को सिर्फ एक विभाग की समस्या नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की एक बड़ी कड़ी के रूप में देखा जाना चाहिए।
पानी को लेकर सऊदी अरब की नई सोच क्या है
Dr. Abdulaziz Al-Shibani ने इस बात पर जोर दिया कि पानी का सीधा संबंध जलवायु, भोजन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से है। इसलिए इसे एक रणनीतिक आर्थिक कड़ी मानना ज़रूरी है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से डेटा के सही इस्तेमाल, नए इनोवेशन और बेहतर गवर्नेंस के जरिए पानी की समस्या को सुलझाने की अपील की ताकि भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके।
फोरम में किन देशों ने लिया हिस्सा और क्या रहा मकसद
यह कार्यक्रम 5 और 6 मई 2026 को तुर्की में हुआ। इस दौरान तुर्की के मिनिस्टर Ibrahim Yumaklı और मिस्र के मिनिस्टर Hani Sewilam ने भी अपने विचार रखे। मिस्र के मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून और आपसी भरोसे के आधार पर जल संसाधनों को सुरक्षित करने की बात कही। इस फोरम को तुर्की के कृषि और वानिकी मंत्रालय के साथ-साथ UN, World Bank और OECD जैसे बड़े संस्थानों ने मिलकर आयोजित किया। इसका मुख्य मकसद ऐसी नीतियां और फाइनेंस मॉडल बनाना है जो 2027 के 11वें वर्ल्ड वॉटर फोरम और UN वॉटर कॉन्फ्रेंस में काम आ सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस्तांबुल इंटरनेशनल वॉटर फोरम कब आयोजित हुआ
यह फोरम 5 और 6 मई 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें कई देशों के मंत्रियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया
सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि के डिप्टी मिनिस्टर Dr. Abdulaziz Al-Shibani ने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।