Saudi Arabia और Italy ने संयुक्त रूप से 29 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हुए हुथी हमलों की कड़ी आलोचना की है। दोनों देशों ने यमन के लोगों के लिए मानवीय और विकासात्मक सहायता के महत्व को दोहराते हुए वहां के नागरिकों को अपना समर्थन दिया है। यह कदम रेड सी में बढ़ती क्षेत्रीय अस्थिरता और ईरान समर्थित समूह की गतिविधियों के बाद उठाया गया है।
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हमलों का सिलसिला और अंतरराष्ट्रीय चिंता
हुथी सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि उन्होंने रेड सी में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। हुथियों का आरोप है कि जहाज ने उनके द्वारा घोषित समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स और क्षेत्र की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता Brig. Gen. Abdo Majali ने 28 जुलाई को चेतावनी दी कि रेड सी की सुरक्षा को खतरा एक ईरानी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। सऊदी राजदूत Mohammed Al-Jaber ने भी स्पष्ट किया कि हुथी गुट यमन को बाहरी ताकतों के लिए सौदेबाजी का जरिया बना रहा है। इससे पहले Germany के चांसलर Friedrich Merz ने 23 जुलाई को इन हमलों को अस्वीकार्य बताया था, जबकि UAE और GCC ने भी 22 जुलाई को इसी तरह की कड़ी निंदा की थी।
