सऊदी अरब के पासपोर्ट विभाग (Jawazat) ने घरेलू कामगारों और विदेशी कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। अब उन लोगों को तीन साल तक देश में आने से नहीं रोका जाएगा जिनका री-एंट्री वीज़ा खत्म हो गया था। यह फैसला 16 जनवरी 2024 से लागू हो चुका है, जिससे कई प्रवासियों और खासकर भारतीय कामगारों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब पात्र लोग अपने पुराने या किसी नए मालिक (Employer) के जरिए नए वर्क वीज़ा पर सऊदी अरब वापस आ सकेंगे। पहले नियम यह था कि अगर कोई समय पर वापस नहीं आता था, तो उस पर तीन साल का प्रतिबंध लग जाता था, जिसे अब हटा दिया गया है। हालांकि, नियम बदलने के बाद भी कुछ प्रशासनिक और पैसों से जुड़े नियम अभी भी लागू रहेंगे।
वीज़ा शुल्क और जुर्माने की जानकारी
अगर कोई कर्मचारी अपने वीज़ा की समय सीमा खत्म होने के बाद भी वापस नहीं आता है, तो उसे जुर्माना भरना होगा। वीज़ा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ नीचे दी गई तालिका में हैं:
| विवरण | नियम/शुल्क |
|---|---|
| ओवरस्टे जुर्माना | 100 रियाल प्रति दिन |
| सिंगल एग्जिट/री-एंट्री वीज़ा वैधता | अधिकतम 60 दिन |
| पहले दो महीने का शुल्क | 200 रियाल |
| अगले महीनों का शुल्क (इकामा खत्म होने तक) | 100 रियाल प्रति महीना |
| बिना मंजूरी वीज़ा की शर्त | 3 महीने तक वेतन न मिलना या लेबर शिकायत |
इन वीज़ा को प्राप्त करने के लिए आमतौर पर Absher Business या Muqeem प्लेटफॉर्म के जरिए मालिक की मंजूरी लेनी होती है। लेकिन लेबर रिफॉर्म इनिशिएटिव के तहत, अगर किसी कर्मचारी की तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली है या उसने लेबर विभाग में शिकायत की हुई है, तो वह बिना मालिक की मंजूरी के भी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।
इसके अलावा, उन लोगों के लिए भी सुविधा है जिनका इकामा 90 दिनों से ज़्यादा वैध है। अगर ऐसे व्यक्ति सात महीने से कम समय से देश से बाहर हैं और उनका वीज़ा खत्म हुए सात महीने से ज़्यादा नहीं हुए हैं, तो वे 30 दिन के विस्तार (Extension) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
