सऊदी अरब में अवैध रूप से रहने वालों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ सरकार का अभियान अब और सख्त हो गया है। हाल ही में जाज़ान इलाके में एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो चार यमनी नागरिकों को अपनी गाड़ी में ले जा रहा था। यह खबर उन सभी प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजाने में या लालच में आकर नियमों का उल्लंघन करते हैं।
जाज़ान में हुई बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, 16 जून 2026 को General Directorate of Mujahideen की पेट्रोलिंग टीम ने एक अफगान नागरिक को पकड़ा। यह व्यक्ति अपनी गाड़ी में चार यमनी नागरिकों को ले जा रहा था, जिन्होंने बॉर्डर सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन किया था। पुलिस ने सभी पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए यमनी नागरिकों को संबंधित विभाग में भेज दिया गया है, जबकि गाड़ी चलाने वाले अफगान नागरिक को Public Prosecution के हवाले किया गया है।
‘وطن_بلا_مخالف’ अभियान और कड़े नियम
यह पूरी कार्रवाई सऊदी सरकार के खास अभियान “A Homeland Without Violators” (#وطن_بلا_مखالف) के तहत की गई है। इस अभियान का मकसद उन लोगों को पकड़ना है जो निवास, श्रम और बॉर्डर सुरक्षा के नियमों को तोड़ते हैं। Ministry of Interior और Directorate of Public Security ने साफ कहा है कि किसी भी अवैध प्रवासी को पनाह देना, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना या किसी भी तरह की मदद करना एक गंभीर अपराध है।
ऐसे मामलों में दोषियों को बहुत भारी सजा मिल सकती है, जिसमें ये शामिल हैं:
- 15 साल तक की जेल की सजा
- 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना
- परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी की जब्ती
- पनाह देने वाले घर या यूनिट को ज़ब्त करना
- अपराधी का नाम सार्वजनिक करना
देश भर में चल रही छापेमारी
सऊदी अरब में यह अभियान बहुत बड़े स्तर पर चल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 4 जून से 10 जून के बीच पूरे राज्य में कुल 10,725 अवैध निवासियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 18 लोग ऐसे थे जिन्होंने अवैध प्रवासियों को नौकरी देने, उन्हें पनाह देने या ले जाने में मदद की थी।
सरकार ने इस अभियान को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है। 25 जून से इस नेशनल कैंपेन को एक और महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्रों के लोग 911 पर और बाकी इलाकों के लोग 999 या 996 पर कॉल कर सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि रिपोर्ट करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।