सऊदी अरब के जज़ान (Jazan) इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ गश्त कर रहे जवानों ने एक व्यक्ति को 27 किलो कात (Qat) के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी रोकने के अभियान के तहत हुई है।

👉: US-Iran Deal: ईरान के जमा पैसों पर अमेरिका का नया प्लान, बोलेगा अब सिर्फ अमेरिकी अनाज और दवाइयां खरीदनी होंगी

सऊदी अरब के कानून में कात को एक नशीला पदार्थ माना गया है। इसमें कैथिनोन, कैथीन और टैनिन जैसे उत्तेजक तत्व होते हैं, जिसकी वजह से इस पर पूरी तरह पाबंदी है। सुरक्षा बल लगातार ऐसे ऑपरेशनों को अंजाम दे रहे हैं ताकि समाज को नशे से बचाया जा सके।

तस्करी करने वालों के लिए सख्त सजा

सऊदी कानून के मुताबिक, कात की तस्करी और इसे बेचने वालों के लिए सजा बहुत कड़ी है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • तस्करी करने वालों को 5 से 15 साल तक की जेल हो सकती है।
  • दोषी पर 20,000 रियाल का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • सऊदी नागरिकों के लिए विदेश यात्रा पर रोक लगाई जा सकती है।
  • विदेशी प्रवासियों को सजा पूरी होने के बाद हमेशा के लिए देश से बाहर (Permanent Deportation) कर दिया जाता है।
  • गंभीर मामलों और बार-बार अपराध करने वालों को 25 साल की जेल या मौत की सजा भी मिल सकती है।

Border Guard और General Directorate of Narcotics Control विभाग लगातार चौकस हैं। पिछले कुछ समय में जज़ान और आसिर जैसे इलाकों में हजारों किलो कात जब्त की गई है और बड़ी संख्या में यमनी और इथियोपियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। जून 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बॉर्डर गार्ड ने विभिन्न क्षेत्रों से 180 टन कात जब्त की थी।

सूचना देने के लिए सरकारी हेल्पलाइन

सुरक्षा अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए सरकार ने अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्र के लिए: 911
  • किंगडम के अन्य क्षेत्रों के लिए: 999
  • नारकोटिक्स कंट्रोल निदेशालय के लिए: 995 या ईमेल 995@gdnc.gov.sa

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ शुरुआती कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के हवाले कर दिया जाता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.