सऊदी अरब के जेद्दा शहर में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। जेद्दा नगर पालिका ने घुलेल (Ghulail) इलाके में स्थित 129 जर्जर और खतरनाक इमारतों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया है। रविवार से इन पुरानी इमारतों को खाली करने के लिए नोटिस देना शुरू किया गया है ताकि किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके और वहां रहने वाले लोगों की जान-माल की सुरक्षा की जा सके।

जेद्दा नगर पालिका ने क्यों शुरू की यह कार्रवाई?

जेद्दा नगर पालिका के आपातकालीन और संकट प्रबंधन सामान्य निदेशालय (General Directorate of Emergency and Crisis Management) की टीमों ने जमीनी स्तर पर जाकर नोटिस बांटने का काम शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य मकसद लोगों की सुरक्षा करना और शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारना है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि ये जर्जर इमारतें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई थीं। इससे पहले अल-फैसलिया, अल-रबवा, अल-फारूक और अल-रुवैस जैसे इलाकों में भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।

मकान मालिकों और किरायेदारों को मिलेगा तय समय

सरकारी नियमों के अनुसार, प्रशासन सीधे इमारतों को नहीं गिराता है बल्कि एक पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। सबसे पहले इमारतों की स्थिति की जांच की जाती है और फिर उनके मालिकों को औपचारिक नोटिस भेजा जाता है। इसके बाद मकान मालिकों को एक कानूनी रूप से तय समय (Grace Period) दिया जाता है ताकि वे अपनी इमारत की स्थिति सुधार सकें या उसे खाली करा सकें। इस समय सीमा के बीत जाने के बाद ही बिजली-पानी के कनेक्शन काटने और इमारत को ढहाने जैसी अंतिम कार्रवाई की जाती है। इससे पहले साल 2026 की शुरुआत में अल-रुवैस इलाके में भी 1,011 जर्जर इमारतों पर ऐसी ही कार्रवाई की गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जेद्दा में किन इमारतों को खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है?

जेद्दा के घुलेल (Ghulail) इलाके में स्थित 129 ऐसी इमारतों को खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है जो बेहद जर्जर, पुरानी और असुरक्षित हो चुकी हैं।

नोटिस मिलने के बाद क्या तुरंत इमारत को गिरा दिया जाएगा?

नहीं, प्रशासन मकान मालिकों को नोटिस देने के बाद कानून के तहत एक तय समय (Grace Period) देता है ताकि वे जरूरी व्यवस्था कर सकें, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.