سعودی عرب से यूरोप के लिए जेट ईंधन (एविएशन फ्यूल) के निर्यात में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालिया शिपिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद भी सऊदी अरब ने यूरोप की विमान ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने लाल सागर बंदरगाह (Red Sea Port) का इस्तेमाल किया है। जून 2026 की शुरुआत में यह निर्यात पिछले कई महीनों के मुकाबले अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है जिससे यूरोपीय देशों को बड़ी राहत मिली है।

सऊदी अरब के यानबुआ पोर्ट से हुआ रिकॉर्ड निर्यात

शिपिंग डेटा ट्रैक करने वाली संस्थाओं Kpler और Vortexa की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 के पहले सप्ताह में सऊदी अरब के लाल सागर स्थित यानबुआ (Yanbu) बंदरगाह से यूरोप और ब्रिटेन के लिए जेट फ्यूल का निर्यात बहुत तेजी से बढ़ा है। केपलर के आंकड़ों के अनुसार यह निर्यात 1,18,000 बैरल प्रति दिन (bpd) और वोर्टेक्सा के अनुसार 1,40,000 बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है। यह अगस्त 2025 के बाद से सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी सऊदी पर निर्भरता

ईरान युद्ध के कारण फरवरी 2026 के अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावहारिक रूप से बंद चल रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। इस रुकावट के बाद मार्च 2026 में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग 220 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अप्रैल 2026 में यूरोपीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी गई थी। हालांकि, सऊदी अरब के लाल सागर मार्ग से सप्लाय बढ़ने से यूरोप को अब राहत मिल रही है।

मुख्य आंकड़े और महत्वपूर्ण जानकारियां

सऊदी अरब और यूरोप के बीच इस ईंधन व्यापार और कीमतों के उतार-चढ़ाव को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

अवधि या समय महत्वपूर्ण घटना या विवरण आंकड़े और स्थिति
जून 2026 (पहला सप्ताह) सऊदी के यानबुआ पोर्ट से निर्यात (Kpler डेटा) 1,18,000 बैरल प्रति दिन
जून 2026 (पहला सप्ताह) सऊदी के यानबुआ पोर्ट से निर्यात (Vortexa डेटा) 1,40,000 बैरल प्रति दिन
जनवरी 2026 सऊदी अरब का पिछला उच्चतम निर्यात 77,000 बैरल प्रति दिन
मई 2026 यूरोप का अमेरिका और नाइजीरिया से आयात 2,00,000 बैरल प्रति दिन
मार्च 2026 वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की कीमत 220 डॉलर प्रति बैरल
फरवरी 2026 अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद

विशेषज्ञों और अधिकारियों का क्या है कहना

इस मामले पर सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है। वहीं, यूरोपीय एयरलाइंस ने गर्मियों के दौरान जेट ईंधन की कमी की आशंकाओं को अधिक महत्व नहीं दिया है। पूर्व ओपेक (OPEC) अधिकारी और विश्लेषक जॉर्ज लियोन ने बताया कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा, तब तक ओपेक+ द्वारा उत्पादन बढ़ाए जाने का बाजार पर बहुत कम असर पड़ेगा। यदि यह जलमार्ग दोबारा खुलता है, तो बाजार में कमी की जगह ईंधन की अधिकता हो सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब से यूरोप को होने वाले जेट ईंधन निर्यात में क्यों बढ़ोतरी हुई है?

ईरान युद्ध की वजह से फरवरी 2026 के अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। इसके चलते पारंपरिक मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे सऊदी अरब अपने लाल सागर बंदरगाह (यानबुआ) के जरिए यूरोप को सीधे ईंधन की आपूर्ति बढ़ा रहा है।

जून 2026 के पहले सप्ताह में निर्यात के आंकड़े क्या रहे हैं?

शिपिंग ट्रैकर Kpler के अनुसार सऊदी ने यूरोप को 1,18,000 बैरल प्रति दिन और Vortexa के अनुसार 1,40,000 बैरल प्रति दिन जेट ईंधन का निर्यात किया है, जो अगस्त 2025 के बाद सबसे अधिक है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com