Saudi Arabia Job Update: विजन 2030 के तहत सऊदी में नौकरियों की बहार, विदेशी कामगारों के लिए बढ़ी मांग

सऊदी अरब में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए खुशखबरी है। सऊदी अरब का विजन 2030 प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसके कारण वहां कई क्षेत्रों में कुशल विदेशी पेशेवरों की मांग काफी बढ़ गई है। स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, तकनीक, वित्त और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विदेशी कामगारों को आकर्षित करने के लिए सऊदी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। Hays, Cooper Fitch और Robert Walters जैसी बड़ी भर्ती कंपनियों के अनुसार, सऊदी अरब में काम करने वाले पेशेवरों को पूरे क्षेत्र में सबसे बेहतर वेतन पैकेज मिल रहा है।
कामगारों के लिए नई सुविधाएं और नियम
सऊदी सरकार ने 6 अगस्त 2026 को विदेश से आने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इससे आवेदन प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। इसके अलावा, Special Talent Premium Residency कार्यक्रम का विस्तार किया गया है। अब अगर किसी पेशेवर का वेतन एक तय सीमा से अधिक है, तो उन्हें रहने के लिए स्थानीय प्रायोजक यानी लोकल स्पोंसर की जरूरत नहीं होगी। Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सऊदी में आर्थिक विविधीकरण के लिए अभी भी कुशल विदेशी हाथों की बहुत जरूरत है।
सऊदी अरब में मिलने वाले प्रमुख वेतन पैकेज
साल 2026 के आंकड़ों को देखें तो कार्यकारी नेतृत्व और तकनीक से जुड़ी भूमिकाओं में सबसे अधिक वेतन मिल रहा है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख पदों के मासिक वेतन का विवरण है:
| Role | Monthly Salary (SAR) |
|---|---|
| Bank CEO | 150,000 - 280,000 |
| Oil and Gas Executive | 100,000 - 250,000 |
| CFO | 130,000 |
| Chief Data and AI Officer | 82,000 - 121,000 |
| Chief Engineering Officer | 100,000 |
खास बात यह है कि NEOM जैसे गीगा-प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले लोगों को अन्य जगहों की तुलना में काफी ज्यादा प्रीमियम मिलता है। यहां के अनुभवी पेशेवरों का औसत सालाना वेतन लगभग 499,163 SAR यानी करीब $133,110 तक होता है, जो रियाद की तुलना में लगभग 57% ज्यादा है। भारतीय कामगारों के लिए भी यह एक अच्छा अवसर है क्योंकि वहां वेतन पर कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगता है।
भर्ती की मांग में भारी उछाल
Hays की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें 700 से अधिक कंपनियों का सर्वे किया गया, लगभग 74% कंपनियां अपने कारोबार को और बड़ा करने की योजना बना रही हैं। वहीं, 93% नियोक्ताओं ने बताया कि उन्हें कुशल लोगों की कमी महसूस हो रही है, जिससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की जरूरत बनी रहेगी। सऊदी अरब में रह रहे या वहां जाने का प्लान बना रहे भारतीयों के लिए यह नई संभावनाएं लेकर आया है, क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था अब अलग-अलग क्षेत्रों में विस्तार कर रही है, जिसमें तकनीक और इंजीनियरिंग सबसे आगे हैं।