सऊदी अरब ने हवाई यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। देश अब ‘बीजिंग कन्वेंशन 2010’ नाम की एक अंतरराष्ट्रीय संधि का हिस्सा बन गया है। इसका मकसद हवाई जहाजों के खिलाफ होने वाले गलत कामों को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है।
सऊदी अरब ने इस संधि पर कब हस्ताक्षर किए और यह कब से लागू होगी?
सऊदी अरब के प्रतिनिधि इंजीनियर मोहम्मद बिन सामी हबीब ने 24 अप्रैल 2026 को International Civil Aviation Organization (ICAO) के महासचिव जुआन कार्लोस सालाज़ार को इस संधि के दस्तावेज़ सौंपे। इस मौके पर ICAO के लीगल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर माइकल गिल भी मौजूद थे। यह नियम सऊदी अरब में 1 जून 2026 से लागू होंगे। इस कदम के साथ सऊदी अरब इस संधि में शामिल होने वाला 57वां देश बन गया है।
इस नए कानून का मकसद क्या है और इससे क्या बदलाव आएगा?
इस संधि का मुख्य उद्देश्य हवाई यात्रा के दौरान होने वाले गैर-कानूनी कामों को अपराध घोषित करना है। यह कानून हवाई जहाजों की सुरक्षा को बढ़ाएगा ताकि यात्रियों और उनके सामान को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- यह हवाई यात्रा के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।
- यह पुराने 1971 के मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के नियमों को अपडेट करता है और उन्हें और मजबूत बनाता है।
- इसका उद्देश्य हवाई परिवहन में लोगों के भरोसे को बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है।