मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। मंगलवार 7 अप्रैल 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सऊदी अरब के जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उनके अपने ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों का बदला है। इस खबर के बाद से पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।

📰: कुवैत में आसमान से गिरे मिसाइलों के 59 टुकड़े, सरकार ने बिना लाइसेंस वाले हथियार जमा करने के लिए दिया कल तक का समय

ईरान ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी है?

ईरान की सेना ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने जुबैल के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले के बारे में ईरान की तरफ से कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • यह हमला उनके असालूयेह (Assaluyeh) पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हुए धमाकों का जवाब है।
  • हमले में मध्यम दूरी की मिसाइलों और कई सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने हस्तक्षेप किया तो वे और भी बड़े हमले करेंगे।
  • ईरान का दावा है कि वे क्षेत्र के तेल और गैस संसाधनों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।
  • यह हमला उनके ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया जा रहा है।

सऊदी अरब की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाई है। मंत्रालय के अनुसार, पूर्वी क्षेत्र की तरफ दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। हालांकि, इन मिसाइलों का मलबा कुछ ऊर्जा प्रतिष्ठानों के पास गिरा है। फिलहाल सऊदी सरकार या बड़ी कंपनी SABIC और Aramco की ओर से कोई आधिकारिक बयान या नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। सऊदी गृह मंत्रालय ने लोगों को सुरक्षा कारणों से हमले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करने की सलाह दी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.