सऊदी अरब में अगले हफ्ते काबा शरीफ के गिलाफ यानी ‘किस्वा’ को बदला जाएगा। यह काम नए इस्लामी साल 1448 AH की शुरुआत के मौके पर किया जाएगा। यह एक पुरानी परंपरा है जिसे हर साल बहुत सावधानी और नियम के साथ पूरा किया जाता है।

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किस्वा बदलने का समय और नया नियम

काबा के गिलाफ को अब हर साल 1 मुहर्रम को बदला जाता है, जिससे इस्लामी नए साल की शुरुआत होती है। पहले यह काम 9 धुल हिज्जा यानी अराफात के दिन किया जाता था, लेकिन साल 2022 में एक शाही फैसले के बाद इसकी तारीख बदल दी गई। उम्मीद है कि 1448 AH का यह बदलाव जून 2026 के आखिरी हफ्ते में होगा।

किस्वा की खासियत और निर्माण

काबा के इस पवित्र गिलाफ को मक्का में स्थित ‘किंग अब्दुलअजीज कॉम्प्लेक्स फॉर द होली काबा किस्वा’ में तैयार किया जाता है। इसे बनाने में करीब 10 से 11 महीने का समय लगता है और इसमें लगभग 200 कुशल कारीगर, डिजाइनर और बुनकर काम करते हैं।

  • वजन: पूरे गिलाफ का कुल वजन लगभग 1.4 टन (1,415 किलोग्राम) होता है।
  • सामग्री: इसे बनाने में 670 किलो काला कच्चा रेशम, 120 किलो 21-कैरेट सोने के तार और 100 किलो चांदी के तारों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • बनावट: यह गिलाफ काले रेशम के 47 टुकड़ों से मिलकर बनता है, जिस पर कुरान की 68 आयतें लिखी होती हैं।

निगरानी और प्रक्रिया

इस पूरे काम की देखरेख ‘जनरल प्रेसिडेंसी फॉर द अफेयर्स ऑफ द ग्रैंड मस्जिद एंड द प्रॉफेट्स मस्जिद’ करती है। गिलाफ को बदलने का काम सऊदी अरब के तकनीशियनों और कारीगरों की एक विशेष टीम करती है। जानकारी के मुताबिक, साल 1448 AH के लिए नया किस्वा 25 मई 2026 तक ही तैयार कर लिया गया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com