सऊदी अरब के मक्का शहर से एक बहुत ही खास और दुर्लभ खबर सामने आ रही है। आने वाले 28 मई 2026 को दोपहर के समय सूरज सीधे पवित्र काबा के ऊपर आ जाएगा। इस खगोलीय घटना को लेकर वैज्ञानिकों और लोगों में काफी उत्साह है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार यह घटना अराफात के दिन हो रही है, जो पूरे 33 साल बाद हो रहा है। इसके जरिए लोग बिना किसी मशीन के आसानी से किबला की सही दिशा का पता लगा सकते हैं।

सूरज का काबा के ऊपर आना क्यों माना जाता है इतना खास?

Jeddah Astronomy Society के डायरेक्टर इंजीनियर माजिद अबू जहरा ने बताया कि यह एक बेहद सटीक खगोलीय घटना है। जब सूरज पवित्र काबा के ठीक ऊपर आ जाता है, तो इसकी किरणें बिल्कुल सीधी पड़ती हैं। इस वजह से मक्का और उसके आसपास खड़ी चीजों की परछाई लगभग गायब हो जाती है। यह घटना साल में दो बार होती है। पहली घटना 28 मई को दोपहर करीब 12:18 बजे (मक्का समय) होगी और दूसरी घटना जुलाई के महीने में (15 या 16 जुलाई) दोपहर 12:27 बजे होगी। आम लोग इसकी मदद से बिना किसी उपकरण के किबला की सही दिशा जान सकते हैं।

33 साल बाद अराफात के दिन बन रहा है यह दुर्लभ संयोग

इस साल 28 मई 2026 को होने वाली यह घटना इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि इस दिन अराफात का दिन (Day of Arafat) भी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसा दुर्लभ संयोग हर 33 साल में सिर्फ एक बार बनता है। इससे पहले साल 1993 में ऐसा संयोग देखने को मिला था। इस दिन दुनिया भर के लोग मक्का की तरफ मुंह करके प्रार्थना (किबला की दिशा) का सही मिलान बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।

क्या इस घटना से बढ़ जाएगी सऊदी में गर्मी? मौसम विभाग ने दिया जवाब

बहुत से लोगों का मानना होता है कि सूरज के बिल्कुल ऊपर आने से तापमान में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (National Center for Meteorology) ने इस पर साफ स्पष्टीकरण दिया है। मौसम विभाग के प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी ने बताया कि यह एक सामान्य और प्राकृतिक खगोलीय घटना है। इसका गर्मी बढ़ने या तापमान में किसी असामान्य उछाल से कोई सीधा संबंध नहीं है। ऐसी अफवाहों पर ध्यान देने से पहले वैज्ञानिक तथ्यों को समझना जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

काबा के ऊपर सूरज आने की घटना साल में कितनी बार होती है?

यह खगोलीय घटना साल में सामान्यतः दो बार होती है, पहली मई के आखिरी हफ्ते में (28 मई को दोपहर 12:18 बजे) और दूसरी जुलाई के मध्य में (15 या 16 जुलाई को दोपहर 12:27 बजे)।

28 मई 2026 की यह घटना इतनी खास क्यों मानी जा रही है?

इस बार 28 मई को सूरज का काबा के ऊपर आना अराफात के दिन के साथ मेल खा रहा है, जो कि 33 साल बाद होने वाला एक बेहद दुर्लभ संयोग है। आखिरी बार ऐसा साल 1993 में हुआ था।