सऊदी अरब में नौकरी करने वाले माता-पिता के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। अब सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में ही बच्चों के लिए किंडरगार्टन खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय मिलकर इस योजना पर काम कर रहे हैं ताकि कर्मचारियों को अपने बच्चों की देखभाल की चिंता न रहे और वे सुकून से काम कर सकें।
दफ्तरों में किंडरगार्टन खोलने का क्या प्लान है?
Ministry of Education (MoE) और Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) उन दफ्तरों को चिन्हित कर रहे हैं जहाँ कर्मचारियों की संख्या बहुत ज़्यादा है। यहाँ बच्चों के लिए किंडरगार्टन की सुविधा दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक किंडरगार्टन में बच्चों के दाखिले की दर को 17% से बढ़ाकर 90% तक ले जाया जाए। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
क्या कंपनियों के लिए नर्सरी खोलना अनिवार्य होगा?
हाँ, सरकार ने इस मामले में नियमों को कड़ा किया है। नवंबर 2025 में लागू हुए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों में 50 या उससे ज़्यादा महिला कर्मचारी काम करती हैं और वहाँ 6 साल से कम उम्र के 10 या उससे ज़्यादा बच्चे हैं, उन्हें नर्सरी या चाइल्डकेयर की सुविधा देना ज़रूरी है। अगर कोई कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती है, तो उस पर 3,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा।
लाइसेंस और निवेश के लिए क्या नए नियम आए हैं?
नर्सरी और किंडरगार्टन खोलने के लिए अब नए नियम लागू होंगे। इसके लिए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन और Civil Defense की मंजूरी लेना ज़रूरी होगा। Ministry of Municipalities and Housing ने सुरक्षा और पर्यावरण के मानकों पर भी नए नियम बनाए हैं। साथ ही, जो लोग इस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें Human Resources Development Fund (HRDF) के ज़रिए आर्थिक मदद और ट्रेनिंग दी जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कंपनियों पर जुर्माना कब लगाया जाएगा?
अगर कंपनी में 50 से ज़्यादा महिला कर्मचारी हैं और 10 से ज़्यादा छोटे बच्चे हैं, लेकिन नर्सरी की सुविधा नहीं है, तो 3,000 रियाल जुर्माना लगेगा।
सऊदी सरकार का किंडरगार्टन नामांकन लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य 2030 तक बच्चों के नामांकन की दर को 17% से बढ़ाकर 90% तक पहुँचाना है।