सऊदी अरब ने खाड़ी देशों (GCC) के साथ व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। परिवहन और रसद सेवाओं के मंत्री इंजीनियर सालेह बिन नासिर अल-जासर ने दम्मम के King Abdulaziz Port में ‘गल्फ स्टोरेज और पुनर्वितरण क्षेत्र’ बनाने का ऐलान किया है। इस पहल का मुख्य मकसद खाड़ी देशों के बीच सामान की आवाजाही को आसान बनाना और सप्लाई चेन को बेहतर करना है। इस फैसले से सामान लाने-ले जाने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

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इस नई योजना से व्यापारियों को क्या फायदा मिलेगा?

सऊदी सरकार ने इस नई पहल के तहत कई बड़े बदलाव किए हैं जो सीधे तौर पर व्यापार को बढ़ावा देंगे। किंग अब्दुलअजीज पोर्ट के अंदर अब हर खाड़ी देश के लिए अलग से काम करने वाली जगह (Operational Areas) तय कर दी गई है। इससे कंटेनरों को रखने और उनके बंटवारे में पहले से ज्यादा सुविधा होगी। सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि खाड़ी देशों से आने वाले और वहां जाने वाले सामानों पर 60 दिनों तक कोई स्टोरेज फीस नहीं ली जाएगी। यह छूट व्यापारियों के लिए खर्च कम करने का एक बेहतरीन मौका है।

सऊदी अरब को लॉजिस्टिक हब बनाने की तैयारी

यह पहल सऊदी अरब को दुनिया का एक बड़ा लॉजिस्टिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हाल ही में इस क्षेत्र में कई और बड़े बदलाव भी देखे गए हैं जो व्यापार की रफ्तार बढ़ाएंगे:

  • दम्मम के किंग अब्दुलअजीज पोर्ट को बहरीन के Khalifa Bin Salman Port से जोड़ दिया गया है।
  • MSC की नई गल्फ शटल सर्विस शुरू की गई है जो दम्मम को शारजाह और अबू धाबी से सीधे जोड़ती है।
  • सऊदी बंदरगाह प्राधिकरण (Mawani) ने व्यापारिक गलियारे बनाने के लिए जमीन और समुद्र के रास्तों को और भी बेहतर किया है।
  • पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच सामान की डिलीवरी को तेज करने के लिए नए लॉजिस्टिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
  • 60 दिनों की स्टोरेज फीस माफी से पोर्ट पर भीड़ कम होगी और काम में तेजी आएगी।

खाड़ी देशों के बीच बढ़ेगा तालमेल

मंत्री अल-जासर के मुताबिक, ये तमाम कोशिशें खाड़ी देशों के बीच आपसी भाईचारे और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के लिए की जा रही हैं। इस नई व्यवस्था से न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे GCC क्षेत्र के व्यापारियों को फायदा होगा। खास तौर पर जो भारतीय या अन्य प्रवासी खाड़ी देशों में लॉजिस्टिक या एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के काम से जुड़े हैं, उनके लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है क्योंकि इससे सामान की डिलीवरी का समय और लागत दोनों कम होने की उम्मीद है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.