सऊदी अरब के किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने यमन में बारूदी सुरंगों को हटाने के अपने अभियान के बारे में नई जानकारी दी है। केंद्र ने बताया है कि जनवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में उनकी टीम ने कुल 2,692 माइन और विस्फोटक हटाए हैं। यह काम ‘प्रोजेक्ट मसम’ के तहत किया जा रहा है, जिसका मुख्य मकसद यमन की जमीन को आम लोगों के लिए सुरक्षित बनाना है।

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जनवरी के आखिरी हफ्ते में क्या मिला?

प्रोजेक्ट मसम की टीम ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में जो सफाई अभियान चलाया, उसमें कई तरह के खतरनाक विस्फोटक बरामद हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक हफ्ते में सबसे ज्यादा संख्या बिना फटे गोला-बारूद की रही। इसके अलावा एंटी-टैंक माइन और आईईडी भी हटाए गए हैं। सिर्फ जनवरी 2026 के महीने में कुल 7,554 विस्फोटक वस्तुओं को हटाया गया है।

हटाए गए विस्फोटकों का विवरण इस प्रकार है:

  • बिना फटे गोला-बारूद (UXO): 2,602
  • एंटी-टैंक माइन: 70
  • एंटी-पर्सनल माइन: 12
  • इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs): 8

किन इलाकों में चल रहा है यह अभियान?

यह सुरक्षा अभियान यमन के कई अलग-अलग जिलों में चलाया जा रहा है। जनवरी 2026 की रिपोर्ट में बताया गया है कि अल-हुदायदा, हधरामौत, हज्जाह, लहज, शबवा और ताइज़ जैसे इलाकों में सफाई का काम हुआ है। विशेष रूप से हधरामौत के अल मुकल्ला जिले में बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया गया। प्रोजेक्ट मसम का लक्ष्य स्कूल, पानी के स्रोत, स्वास्थ्य केंद्र और खेती की जमीन को बारूदी सुरंगों से मुक्त करना है ताकि लोग सामान्य जीवन जी सकें।

साल 2018 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक कुल 5,37,505 माइन और विस्फोटक हटाए जा चुके हैं। इस काम के लिए प्रोजेक्ट को 2024 में फिर से फंड दिया गया था, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ 59 लाख डॉलर है। प्रोजेक्ट में स्थानीय यमन के लोगों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे भविष्य में खुद इस काम को संभाल सकें। यह पूरा काम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाता है।