यमन में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए सऊदी अरब की तरफ से एक बड़ी राहत की खबर आई है। किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने ईद-उल-अजहा के खास मौके पर यमन में उधिया (कुर्बानी का मांस) वितरण प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत यमन के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कुर्बानी का मीट बांटा जाएगा ताकि त्योहार की खुशियां हर घर तक पहुंच सकें। इसकी आधिकारिक घोषणा सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) द्वारा की गई है।
इस प्रोजेक्ट से यमन के कितने लोगों को मिलेगा फायदा?
इस बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यमन के सबसे कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है। इस योजना के तहत कुल 4,140 कुर्बानी के जानवरों को खरीदने और उनका मीट बांटने का लक्ष्य रखा गया है। इससे यमन के लगभग 8,280 परिवारों यानी करीब 49,680 लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट यमन के हादरामौत, अल-महरा, मारिब और अदन जैसे गवर्नरशिप में चलाया जा रहा है।
काम की जांच और तैयारियों को लेकर क्या है अपडेट?
इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से इस्लामिक नियमों और स्वास्थ्य मानकों के हिसाब से लागू करने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। 26 मई 2026 को KSrelief की टीम ने अदन में तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जानवरों की सेहत और शरिया नियमों के पालन की जांच की गई। इसके अलावा हादरामौत में भी ह्यूमन एक्सेस संस्था जानवरों की खरीद और बूचड़खानों को तैयार करने में जुटी है। इससे पहले 18 मई 2026 को KSrelief के सहायक महानिदेशक इंजीनियर अहमद अल बैज और चैरिटेबल सोसाइटी फॉर ऑर्फन केयर (Ensan) के महाप्रबंधक मोहम्मद अलमुहरिब के बीच इस काम के लिए समझौता हुआ था। यमन में इस प्रोजेक्ट की निगरानी सालेह अल-धैबानी कर रहे हैं।
राशन और टेंट का भी किया गया है वितरण
मांस वितरण के अलावा सऊदी अरब यमन में अन्य राहत सामग्री भी बांट रहा है। 26 मई 2026 को ही अदन में विस्थापित और स्थानीय लोगों के लिए 2,734 फूड बास्केट बांटे गए, जिससे 14,469 लोगों को मदद मिली। वहीं हादरामौत में 837 फूड बास्केट, 315 टेंट और 40 शेल्टर किट बांटे गए, जिससे 5,859 लोग लाभांवित हुए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह प्रोजेक्ट यमन के किन इलाकों में चलाया जा रहा है?
यह प्रोजेक्ट यमन के हादरामौत, अल-महरा, मारिब और अदन गवर्नरशिप में चलाया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट से कुल कितने परिवारों को फायदा होगा?
इस योजना के तहत 4,140 कुर्बानी के जानवरों का मीट करीब 8,280 परिवारों (लगभग 49,680 लोगों) में बांटा जाएगा।