सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कुवैत के अमीर शेख मशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के बीच फोन पर खास बातचीत हुई है। 19 मार्च 2026 को हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने साफ किया कि खाड़ी देश अपनी ज़मीन की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश और संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखना है ताकि वहां रहने वाले लोगों और प्रवासियों को किसी तरह की मुश्किल न हो।

खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए क्या योजना है?

सऊदी अरब और कुवैत ने मिलकर यह फैसला लिया है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों और बातचीत पर वापस लौटना बहुत ज़रूरी है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के बीच आपसी तालमेल को और मज़बूत किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को कोई खतरा न हो। इसका सीधा असर वहां काम कर रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता पर भी पड़ता है।

हमलों को लेकर क्या कड़ा संदेश दिया गया?

दोनों देशों ने सऊदी अरब और कुवैत के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन माना गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी चेतावनी दी है कि देश अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने का पूरा हक रखता है। प्रवासियों के लिए यह खबर राहत भरी है क्योंकि सुरक्षा बढ़ने से कामकाज के माहौल में सुधार होता है।

तारीख मुख्य घटनाक्रम
6 मार्च 2026 सऊदी और कुवैत के नेताओं के बीच सुरक्षा और ईरानी हमलों पर पहली चर्चा
18 मार्च 2026 मिस्र के राष्ट्रपति ने कुवैत पर हुए हमलों की निंदा की
19 मार्च 2026 सऊदी क्राउन प्रिंस और कुवैत के अमीर के बीच अहम फोन कॉल
19 मार्च 2026 सऊदी विदेश मंत्री ने अपनी सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.