सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। Saudi Council of Ministers ने लेबर विवादों से जुड़े मामलों में कोर्ट जाने की अनिवार्यता को और एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद, लेबर कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने से पहले कर्मचारी को लेबर ऑफिस में आवेदन करना अनिवार्य होगा।
समझौता करने का मिलेगा मौका
इस नियम का मुख्य मकसद विवादों को अदालती कार्यवाही तक जाने से पहले आपसी सहमति से सुलझाना है। यह प्रक्रिया Royal Decree No. (M/14) के तहत शुरू की गई थी ताकि लेबर कोर्ट पर मुकदमों का बोझ कम हो सके। समझौते के लिए Ministry of Human Resources and Social Development के माध्यम से एक न्यूट्रल मध्यस्थ (mediator) नियुक्त किया जाता है।
कैसे काम करेगी यह प्रक्रिया
समझौते के लिए कुल 21 दिन का समय तय किया गया है। अगर इस दौरान कर्मचारी और नियोक्ता के बीच कोई सहमति बन जाती है, तो एक कानूनी रूप से बाध्यकारी रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। यदि बातचीत बेनतीजा रहती है, तो मामला अपने आप लेबर कोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिया जाता है। यह जानकारी 28 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर साझा की गई थी।
