सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और कंपनियों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने लेबर नियमों को लेकर बहुत सख्ती दिखाई है और साल के पहले छह महीनों में करीब 2 लाख 40 हजार उल्लंघन पकड़े गए हैं। इस कार्रवाई से कई कंपनियों पर जुर्माना लगा है और कई वीज़ा भी रद्द किए गए हैं।
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Akhbar24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 को यह जानकारी सामने आई कि साल के पहले छह महीनों में लेबर नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी नजर रखी गई। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने कंपनियों की जांच तेज कर दी है ताकि काम करने वालों के हक की रक्षा हो सके।
जांच और कार्रवाई के आंकड़े
मंत्रालय ने केवल पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में ही लाखों बार कंपनियों का दौरा किया और नियमों की अनदेखी करने वालों पर एक्शन लिया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रही है।
| विवरण | आंकड़े (पहली तिमाही 2026) |
|---|---|
| कुल निरीक्षण दौरे | 2,50,000 से ज्यादा |
| पकड़े गए उल्लंघन | 1,68,000 से ज्यादा |
| कंपनियों को दी गई चेतावनी | करीब 2,30,000 |
| सऊदीकरण (Saudization) जांच दौरे | करीब 1,32,000 |
| फर्जी सऊदीकरण के मामले | 13,509 उल्लंघन |
| रिक्रूटमेंट ऑफिसों की जांच | 5,926 दौरे |
| रिक्रूटमेंट ऑफिस उल्लंघन | 3,522 मामले |
| रद्द किए गए वीज़ा | 7,200 से ज्यादा |
रिक्रूटमेंट सेक्टर में भी बड़ी कार्रवाई हुई। 3 ऑफिसों को तुरंत बंद कर दिया गया और 11 ऑफिसों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया क्योंकि उन्होंने समय पर कमियां ठीक नहीं की थीं। इन ऑफिसों पर ग्राहकों की शिकायतें न सुनने और रिफंड में देरी करने जैसे आरोप थे।
नये नियम और जुर्माने
मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री Ahmed Al-Rajhi ने 25 फरवरी 2026 को लेबर लॉ के जुर्माने और नियमों की लिस्ट में बदलाव किया। इसका मकसद मजदूरों के अधिकारों को सुरक्षित करना और बाजार में स्थिरता लाना है। इसके अलावा, जनवरी 2026 में सरकार ने पहली बार गलती करने वालों के लिए एक समझौता स्कीम निकाली, जिसमें जुर्माना 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, बशर्ते गलती 90 दिनों के भीतर सुधारी जाए।
मार्केटिंग और सेल्स के काम में अब 60 प्रतिशत सऊदी नागरिकों का होना जरूरी कर दिया गया है। ऐसी कंपनियों के लिए न्यूनतम वेतन 5,500 रियाल तय किया गया है। वहीं, गृह मंत्रालय (MOI) ने 2 फरवरी 2026 को ऐलान किया कि अवैध तरीके से नौकरी देने वालों पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही जिम्मेदार मैनेजर को एक साल की जेल और विदेशी मैनेजरों को देश से निकाला जा सकता है।
प्रवासियों के लिए एक राहत की खबर यह है कि एक्सपायर हो चुके वर्क परमिट को ठीक करने की समय सीमा को 2026 के अंत तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि, इस दौरान नियोक्ताओं को पुराने वित्तीय दायित्वों को पूरा करना होगा।
