सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि सऊदी अरब ने इसराइली नागरिकों के लिए ज़मीन खरीदना बंद कर दिया है। इन दावों ने काफी चर्चा छेड़ दी है, लेकिन सऊदी सरकार की तरफ से ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आइए जानते हैं कि असल में वहां ज़मीन खरीदने के नियम क्या हैं और सरकार का इस पर क्या कहना है।

विदेशी नागरिकों के लिए नए नियम

सऊदी अरब में जनवरी 2026 से रियल एस्टेट का एक नया ढांचा लागू हुआ है। 25 जुलाई 2025 को जारी इस कानून के तहत विदेशी लोगों और कंपनियों को तय किए गए इलाकों में संपत्ति खरीदने की इजाजत दी गई है। यह नियम विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, जिससे अब विदेशी लोग रेगुलेटेड शर्तों के तहत वहां प्रॉपर्टी ले सकते हैं।

इन जगहों पर है पाबंदी

भले ही नए कानून से रास्ते खुले हैं, लेकिन कुछ संवेदनशील जगहों पर अब भी कड़े नियम लागू हैं। मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों में गैर-मुस्लिम लोग ज़मीन नहीं खरीद सकते। विदेशी कंपनियों के लिए भी इन दो शहरों में संपत्ति खरीदना पूरी तरह मना है। हालांकि, मुस्लिम विदेशी निवासी कुछ खास शर्तों के साथ इन शहरों के तय इलाकों में ज़मीन खरीद सकते हैं।

सोशल मीडिया दावों की सच्चाई

जून 2026 के आसपास सोशल मीडिया पर यह बात वायरल हुई कि सऊदी ने इसराइली नागरिकों पर ज़मीन खरीदने का बैन लगा दिया है। लेकिन सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक घोषणाओं में ऐसी किसी पाबंदी का जिक्र नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया की ऐसी खबरों पर भरोसा करने के बजाय सरकारी स्रोतों से जानकारी लेनी चाहिए।

वेस्ट बैंक और राजनीतिक रुख

सऊदी अरब ने इसराइल द्वारा वेस्ट बैंक की ज़मीन पर किए जा रहे कब्जों की कड़ी निंदा की है। फरवरी 2026 में सऊदी ने अन्य अरब देशों के साथ मिलकर इसराइल के उस फैसले का विरोध किया था, जिसमें वेस्ट बैंक की ज़मीन को ‘स्टेट लैंड’ घोषित किया गया था। सऊदी सरकार का मानना है कि यह कदम अवैध है और इससे शांति की उम्मीदें कम होती हैं।

पुराने बयानों की बात करें तो 2018 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि इसराइलियों को उनकी ज़मीन का हक है, बशर्ते एक शांति समझौता हो। हालांकि, सऊदी अरब ने साफ किया है कि जब तक पूर्वी जेरूसलम राजधानी वाला एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनता, वह इसराइल को मान्यता नहीं देगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.