सऊदी अरब ने अपनी पहली सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी परियोजना का पायलट चरण राजधानी रियाद में शुरू कर दिया है। यह कदम विजन 2030 के तहत परिवहन प्रणाली के आधुनिकीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को अपनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

यह 12 महीने की परीक्षण परियोजना है, जो रियाद के 7 प्रमुख स्थानों पर शुरू की गई है। रियाद के  किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 2 और 5), प्रिंसेस नूरा बिन्त अब्दुल रहमान यूनिवर्सिटी, रोशन बिजनेस फ्रंट, प्रमुख हाईवे कनेक्शन पॉइंट्स और 13 निर्दिष्ट पिकअप और ड्रॉप-ऑफ स्टेशन बनाए गए हैं। हर टैक्सी में एक सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहेगा जो शुरुआती चरण में तकनीकी निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेवा मंत्री इंजीनियर सालेह अल जासर ने इस परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह एक गुणात्मक छलांग है जो सऊदी अरब की स्मार्ट, टिकाऊ और एकीकृत ट्रांसपोर्ट सिस्टम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इसे आर्थिक विविधता को बढ़ावा देने वाला कदम, गुणवत्ता-सम्पन्न जीवन शैली को समर्थन देने वाला और तकनीकी नवाचार और स्थिरता को बढ़ाने वाला कदम बताया।

साझेदार और तकनीकी सहयोग

इस परियोजना का नेतृत्व कर रही है सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA)। इसका  सहयोग कर रहे हैं गृह मंत्रालय, डिजिटल इकोनॉमी व स्पेस एजेंसी, जनरल सर्वे और भू-स्थानिक सूचना प्राधिकरण, सऊदी मानक और गुणवत्ता संगठन और निजी क्षेत्र के साझेदार: AiDriver, WeRide, और Uber जैसे अग्रणी तकनीकी संस्थान

क्या है उद्देश्य

  • रियल-वर्ल्ड परिवेश में AI-आधारित वाहन तकनीक का परीक्षण

  • कानूनी और परिचालन ढांचे की स्थापना

  • भविष्य में पूरे देश में विस्तार का आधार तैयार करना

  • ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना और कार्बन उत्सर्जन में कटौती

 तकनीकी क्षमतायें
  • वाहन में लगे हैं:

    • एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम

    • रीयल-टाइम ट्रैफिक सेंसर

    • AI-आधारित निर्णय प्रणाली