सऊदी अरब ने हज यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी पर्यटन मंत्रालय ने हज 1447 हिजरी सीजन के लिए स्मार्ट हाउसिंग सर्विस की शुरुआत की है। इस नई सेवा के तहत अब हाजियों को ठहरने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्मार्ट गेट और नुसुक कार्ड की मदद से रुकने की पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बना दिया गया है जिससे हाजियों का सफर काफी आसान हो जाएगा।
स्मार्ट हाउसिंग सर्विस क्या है और यह कैसे काम करेगी?
पर्यटन मंत्रालय ने हाजियों के ठहरने की व्यवस्था को आसान और तेज बनाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- ऑटोमैटिक चेक-इन: हाजियों का डेटा पहले ही होटल और आवास प्रोवाइडर्स के साथ शेयर कर दिया जाएगा। होटल पहुंचने पर हाजियों को स्मार्ट गेट से गुजरना होगा जो उनके नुसुक कार्ड को स्कैन करके तुरंत चेक-इन पूरा कर देगा।
- आधुनिक तकनीक: इस सर्विस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे सारी जानकारी सिस्टम में खुद ही अपडेट हो जाएगी।
- कम होगी इंसानी गलती: पर्यटन मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता नासिर अल-अंसारी ने बताया कि इस सेवा का मुख्य मकसद हाजियों के इंतजार के समय को कम करना और मानवीय गलतियों को पूरी तरह खत्म करना है।
पर्यटन मंत्री अहमद अल खतीब ने हाल ही में हज आवासों का निरीक्षण किया था और ऑपरेटरों को निर्देश दिया था कि वे हाजियों को बेहतरीन अनुभव दें और अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाएं।
नुसुक कार्ड क्यों जरूरी है और इसके नियम क्या हैं?
सऊदी अरब में हज यात्रा के लिए नुसुक कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज बन चुका है। मंत्रालय ने इसे लेकर सख्त नियम तय किए हैं:
- सभी के लिए अनिवार्य: मक्का, पवित्र स्थलों और मस्जिद-ए-नबवी में एंट्री के लिए डिजिटल या फिजिकल नुसुक कार्ड अपने पास रखना और इसे एक्टिवेट रखना पूरी तरह अनिवार्य है।
- कार्ड में मिलेगी पूरी जानकारी: इस कार्ड में हाजी की निजी जानकारी, उनके ठहरने की जगह, ट्रांसपोर्ट और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का पूरा ब्योरा होता है जिससे सुरक्षा एजेंसियां आसानी से पहचान कर सकती हैं।
- लाखों बार हुआ स्कैन: हज और उमराह मंत्रालय के मुताबिक 23 मई 2026 तक चेकपॉइंट्स पर 34 लाख से ज्यादा बार नुसुक कार्ड को स्कैन किया जा चुका है।
होटलों में रुकने और सुरक्षा को लेकर नए सरकारी नियम क्या हैं?
हज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर इस बार सऊदी प्रशासन काफी सख्त रवैया अपना रहा है। इसके लिए कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं:
- अवैध खाना पकाने पर रोक: नए नियमों के अनुसार, होटलों और ठहरने की जगहों के कमरों में अवैध तरीके से खाना बनाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। अगर कोई ऐसा करता है, तो सर्विस कंपनियों को इसकी तुरंत रिपोर्ट करनी होगी।
- इमरजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम: नगर पालिका और आवास मंत्रालय ने पवित्र स्थलों पर किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और जमीनी ऑपरेशन्स की निगरानी के लिए अपना इमर्ज स्मार्ट प्लेटफॉर्म चालू कर दिया है।
- बिना परमिट नहीं मिलेगी अनुमति: मंत्रालय ने साफ तौर पर दोहराया है कि बिना वैध हज परमिट के किसी को भी हज करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्मार्ट हाउसिंग सर्विस से हज यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इससे होटल पहुंचने पर हाजियों के इंतजार का समय बहुत कम हो जाएगा। स्मार्ट गेट के जरिए नुसुक कार्ड स्कैन करके ऑटोमैटिक चेक-इन हो जाएगा और किसी भी तरह के पेपरवर्क की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या नुसुक कार्ड के बिना मक्का या पवित्र स्थलों में प्रवेश मिल सकता है?
नहीं, सऊदी सरकार के नियमों के अनुसार मक्का, पवित्र स्थलों और मस्जिद-ए-नबवी में प्रवेश के लिए नुसुक कार्ड होना बिल्कुल अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
क्या हाजी अपने होटलों के कमरों में खाना बना सकते हैं?
सुरक्षा और लाइसेंस नियमों के तहत होटलों या आवासों के कमरों में अवैध रूप से खाना पकाने पर सख्त पाबंदी है। ऐसी गतिविधियों की रिपोर्ट तुरंत अधिकारियों को करनी होगी।