सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए बैंकों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को यह जानकारी दी गई कि सऊदी अरब के बैंक अब ग्राहकों की लोन की किस्त काटने की तारीख को उनकी सैलरी आने की तारीख के साथ जोड़ सकते हैं। यह कदम लोगों की आर्थिक सहूलियत के लिए उठाया गया है ताकि उन्हें अपनी सैलरी मिलने के बाद समय पर लोन चुकाने में आसानी हो।

सऊदी अरब में वित्तीय नियमों का दायरा

सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) समय-समय पर वित्तीय स्थिरता और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए नए निर्देश जारी करता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, बैंक ने कई बदलाव किए हैं ताकि लोगों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। उदाहरण के तौर पर, अक्टूबर 2025 में SAMA ने सभी बैंकों को सैलरी का भुगतान बिना किसी देरी के सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इससे पहले, सितंबर 2016 में जब सरकारी कर्मचारियों के अलाउंस में कटौती हुई थी, तब भी सेंट्रल बैंक ने बैंकों को लोन री-शेड्यूल करने के आदेश दिए थे ताकि ग्राहकों की कुल कटौती एक निश्चित सीमा से ज़्यादा न हो।

प्रवासियों और परिवारों के लिए आर्थिक राहत

सऊदी अरब में बैंकिंग सेक्टर लगातार पारदर्शिता लाने पर काम कर रहा है। हाल ही में, सऊदी बैंकों ने नए पर्सनल और मॉर्गेज लोन की अधिकतम रिपेमेंट सीमा को 65 प्रतिशत से घटाकर 55 प्रतिशत कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है जिनकी मासिक आय 15,000 SAR से कम है। इसके अलावा, मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने 1 जनवरी 2026 से घरेलू कामगारों के लिए इलेक्ट्रॉनिक सैलरी पेमेंट सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है, ताकि वेतन भुगतान में पूरी तरह पारदर्शिता बनी रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.